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सोफे पर मां का दरबार, गले में मोतियों के हार

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उरई।
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शारदीय नवरात्र का आज पहला दिन है और इसी के साथ बाजार की रौनक फिर से लौट आई है। मैय्या की मूर्तियों से लेकर उनके आकर्षक वस्त्र, चमचमाते गहने और लाल-हरी चुनरी की बिक्री में तेजी दिखाई देने लगी है। फुटपाथ की दुकान से लेकर सराफ की दुकानों तक में माता की सजावट की खरीददारी का असर दिख रहा हैै। इस बार बाजार में माता के लिए स्टाइलिश सोफे का दरबार, नग जड़ा मुकुट और गले के लिए मोतियों का हार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जीएसटी के कारण नवरात्र थोड़ा महंगा जरूर पड़ रहा है लेकिन दुकानदार हो या माता के भक्त किसी को इससे कोई खास असर नहीं पड़ा है। बाजार में खरीददारी करती राजेंद्र नगर निवासी सरिता राजपूत, इंद्रानगर की सौम्या का कहना है कि शारदीय नवरात्र साल में एक बार ही आता है। फिर थोड़ी बहुत महंगाई तो हर साल ही बढ़ती है। अब उसे जीएसटी का नाम दें या फिर कुछ और फर्क नहीं पड़ता है।

सिंहवाहिनी के सिंहासन बनेंगे सोफे
बलदाऊ चौक स्थित पप्पू गुड़िया वाले की दुकान पर सुबह से खासतौर पर महिला खरीददारों की भीड़ लगी रही। इस बार भक्तों को माता सिंहवाहिनी के लिए तैयार किए गए सोफे विशेष रूप से पसंद आ रहे हैं। 200 से 2500 रुपये की कीमत वाले सोफे पर माता का दरबार सजाने के लिए खरीददारों में होड़ है। इसके अलावा माता की बिंदी, नेल पालिश सिंदूर और शीशा आदि साज-सज्ज्जा का सामान पैक में मिल रहा है। इसकी कीमत भी 100 से 350 रुपये तक है। माता की मूर्ति के लिए नगों से जड़ा कमरबंद 500 से 1500 और गले का मोतियों का हार 150 से 800 रुपये तक की कीमत का बाजार में मौजूद है।
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मैय्या के सिर चांदी का छत्र और मुकुट
जब माता का दरबार भव्य है तो उनकी सजावट भी किसी तरह से कम नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सराफ की दुकानों में चांदी के छोटे-बड़े मुकुट और चांदी के छत्र भी भक्तों को खूब भा रहे हैं। इसके अलावा चांदी की ही पूजा की थाली भी दुकानों में उपलब्ध है। सराफ हरि किशोर गुप्ता ने बताया कि 1000 से लेकर 5000 की कीमत वाले मुकुट व चांदी का सिंहासन 4000 से 12000 रुपये तक में बिक रहा है। जबकि चांदी के छत्र की कीमत 1 से 3 हजार रुपये तक है।

गोल्डन चोटी पर सजेगी माता की लाल चुनरी
माता की सजावट में सबसे महत्वपूर्ण उनकी चुनरी ही मानी जाती है। यही कारण है कि बाजार में हर रेट की चुनरी भक्तों के लिए मौजूद है। 10 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की गोटेदार लाल व हरे रंग की चुनरी भक्तों को लुभा रही है। चुनरी की तरह मैय्या का नग जड़ा हुआ लहंगा भी हाथों हाथ बिक रहा है। चुनरी की तरह माता की गोल्डन कलर की चोटी भी बाजारों में भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

साज सज्जा पर 12 से 28 प्रतिशत जीएसटी
माता की साज सज्जा का सामान बेचने वाले अनवर ने बताया कि इस बार लगभग हर एक सामान पर जीएसटी का असर है। इस कारण करीब 12 से 28 प्रतिशत तक चीजें महंगी जरूर हुई हैं लेकिन इसका बिक्री पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। इसी तरह चांदी के सामान पर भी पहले दो प्रतिशत वैट था जो अब तीन प्रतिशत जीएसएटी के रूप में लग रहा है। सराफ हरिकिशोर के मुताबिक जीएसटी से ग्राहकों को कोई खास असर नहीं पड़ रहा है लेकिन व्यापारी इससे जरूर परेशान हैं।

इन मंदिरों में गूजेंगे मैय्या के जयकारे
शहर के राठ रोड स्थित संकटा माता मंदिर, करमेर रोड स्थित हुल्की माता मंदिर, कालपी रोड की शीतला माता मंदिर, गोपालगंज स्थित काली माता मंदिर के अलावा सैदनगर स्थित अक्षरा माता और रक्तदंतिका मंदिर, बैराग़ढ़ में मां शारदा मंदिर और जालौन में जालौनी माता मंदिर समेत कोंच के विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही मैय्या के जयकारे गूंजने लगेंगे। इसके लिए मंदिरों की तैयारी भी लगभग पूरी हो गई है। बिजली की झालरों और फूलों से प्रांगण को सजाया जा रहा है।
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पुलिस टीम के साथ निगरानी करेंगे कैमरे
मंदिरों में माता के दर्शन के लिए किसी तरह की दिक्कत न हो, इस कारण बैरीकेडिंग और पुलिस की व्यवस्था भी रहेगी। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि सभी प्रमुख मंदिरों के लिए ड्यूटी चार्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भीड़ वाले मंदिरों में सीसी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी।

सोफे पर मां का दरबार, गले में मोतियों के हार
-शारदीय नवरात्र आज से, सज गए बाजार
-मैय्या की स्थापना को निकले खरीददार
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