कानपुर के विजय नगर के ड्रग माफिया बच्चा के परिवार के 31 बैंक एकाउंट पुलिस ने सीज कर दिए हैं। एकाउंटों में 15 लाख रुपये मिले हैं। पोस्टआफिस में खुले एकाउंटों में कितने रुपये हैं, उसकी जानकारी मांगी गई है। एसपी पश्चिम डॉ अनिल कुमार ने बताया कि बच्चा और उसका भाई राजकुमार दोनों ही काकादेव थाने के हिस्ट्रीशीटर होने के साथ ही सक्रिय बदमाश हैं।
पुलिस ने गुरुवार को विजय नगर और शास्त्री नगर में छापा मारकर करीब ढाई करोड़ का गांजा, चरस, स्मैक और नशीली दवाइयां पकड़ी थीं। चार तस्करों को गिरफ्तार किया था जबकि सरगना हिस्ट्रीशीटर सुशील शर्मा उर्फ बच्चा फरार हो गया था। इस कारोबार में पुलिस की मिलीभगत भी थी।
पुलिस को छानबीन में पता चला है कि बच्चा व उसके परिवार के खातों से रोज लेन-देन होता था। खाते सीज होने के बाद अब अवैध कारोबार से अर्जित की गई उसकी संपत्तियों की जांच भी की जा रही है। डीआईजी प्रीतिंदर सिंह के आदेश पर संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके लिए नगर निगम, केडीए और जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया है।
महिलाओं से बिकवाता था गांजा-स्मैक
कोचिंग मंडी में स्मैक-गांजा बिकने की शिकायत लंबे अरसे से लोग कर रहे थे। स्थानीय लोगों का रहना दूभर हो गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती थी। आस-पास के चाय-पान के खोखे, छोटी-छोटी दुकानें, खाने-पीने के अड्डे नशे के अड्डों में तब्दील हो चुके थे। कोचिंग मंडी की गलियों में छोटे-छोटे लड़के घूम-घूम कर नशे का सामान बेचते थे। पुलिस ने बताया कि बच्चा के गैंग में कई महिलाएं भी शामिल हैं जो कोचिंग मंडी के आस-पास स्मैक-गांजा बेचती हैं। पान की दुकानों में भी बेचती हैं। उनकी तलाश के लिए एक टीम गठित कर दी गई है।