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हैलट को 300 नर्स, कई डॉक्टर

Tue, 05 Apr 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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जच्चा बच्चा अस्पताल के मेडिसिन विभाग में निरीक्षण करते प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण अनूप चन्द्र पांडेय। - फोटो : amarujala
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कानपुर। हैलट को जल्द ही 300 नर्सें मिलेंगी। लोक सेवा आयोग से जल्द ही 450 डॉक्टर और 47 प्रोफेसर की नियुक्ति हो रही है। इनमें से कई डॉक्टर और प्रोफेसर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को मिलेंगे। हैलट को 19 वेंटिलेटर और मॉनीटर मिल गए हैं। मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों के जीर्णोद्धार के लिए 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। इनमें से दो करोड़ जारी हो चुके हैं। कॉलेज प्रशासन जीर्णोद्धार से लेकर जो भी जरूरी प्रस्ताव भेजेगा उसे 15 दिनों के भीतर स्वीकृति दे दी जाएगी।
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यह कहना है प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा अनूप चंद्र पांडेय का। मेडिकल कॉलेज के सीआरएस हाॅल में उन्होंने कहा कि बाल रोग अस्पताल के पीछे ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए 1.55 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मिला है। इसी हफ्ते इसे स्वीकृति दे दी जाएगी। कहा कि असाध्य रोग मद में 40 लाख मिले थे लेकिन अभी सिर्फ 20 लाख खर्च हो पाए हैं। निर्देश दिए गए हैं कि इस मद में मरीजों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले इसके लिए और बजट दिया जाएगा। प्रमुख सचिव ने डॉक्टरों से बाहर की दवा न लिखने के लिए प्रिंसिपल से तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने को कहा है। साथ ही प्रिंसिपल से हैलट ट्रामा सेंटर में एक महीने के भीतर 126 पदों पर नियुक्ति को कहा है। देर शाम प्रमुख सचिव ने कॉर्डियोलॉजी, जेके कैंसर संस्थान आदि का निरीक्षण किया। प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि डॉ. गजेंद्र सिंह यादव मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

न्यूरो सर्जन गायब, वार्डों में पंखे बंद
तीन दिन पहले घोषित कार्यक्रम के बाद सोमवार को हैलट और संबद्ध जच्चा-बच्चा व बाल रोग अस्पताल पहुंचे प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को कई खामियां मिलीं। न्यूरो सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह यादव पांच दिन से मरीज को देखने नहीं आए थे तो लावारिस मरीज खाने की गुहार लगाता मिला। अव्यवस्थाओं से नाराज प्रमुख सचिव ने कह ही दिया ‘वेरी बैड’। कॉलेज प्रशासन के अच्छाई के पैबंद की पोल लोक लेखा अनुश्रवण समिति के चेयरमैन और किदवई नगर विधायक अजय कपूर ने खोल दी। इस दौरान एसआईसी डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. किरन पांडेय, डॉ. संजय काला, डॉ. रिचा गिरी, डॉ. सीएस सिंह, डॉ. राजतिलक, डॉ. यशवंत राव, डॉ. जीएन द्विवेदी, डॉ. एसके गौतम, डॉ. एके आर्या, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. रीता गुप्ता, डॉ. प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. अजय शर्मा, एसके शुक्ला आदि मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने कहा कि मरीज न देखने वाले न्यूरो सर्जन के खिलाफ जांच करने के निर्देश प्रिंसिपल को दिए गए हैं।
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