कानपुर आए संघ के सर संघचालक डा. मोहन भागवत का प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के मामले में सरकारों की ओर किया गया इशारा कोई गलत नहीं है। अलग-अलग राज्यों से शहर लौटे हजारों प्रवासी श्रमिक रोजगार से दूर हैं। इसका अंदाजा केवल इस बात से लगाया जा सकता है कि रोजगार कार्यालय के माध्यम से इतने महीनों में केवल 159 प्रवासियों को ही रोजगार दिलाया जा सका है।
लॉकडाउन के दौरान 30086 प्रवासी श्रमिक कानपुर नगर लौटे थे। सरकार के निर्देेश पर जिला प्रशासन ने रोजगार कार्यालय के माध्यम से राहत मित्र एप पर इनका पंजीकरण का कार्य शुरू किया था। इसमें प्रवासी श्रमिकों की योग्यता के अनुसार उनका पंजीकरण किया गया था। इस ऐप पर अब तक 20256 प्रवासियों का पंजीकरण किया गया जिसमें 17786 अकुशल और 247 कुशल श्रमिक हैं।
प्रवासियों को रोजगार दिलाने को सरकार ने कुछ महीने पहले सेवामित्र एप पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें महज एक सितंबर तक 17 ही पंजीकरण हुए हैं। विभाग के अफसरों का कहना है कि यह प्रक्रिया इतनी लंबी है कि आवेेदन करने और पुलिस वेरिफकेशन में ही दो महीने लग जाते हैं। विभाग के पास अब 76 और आवेदन वैरीफिकेशन के बाद पहुंचे हैं जिनका जल्द पंजीकरण किया जाएगा।