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मीठी सेवइयां खाकर 30 छात्राओं के हाल-बेहाल

Mon, 09 Jan 2017 10:22 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कस्तूरबा की 30 छात्राएं फूड प्वाइजिंग की शिकार - फोटो : अमर उजाला
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मीठी सेवइयां खाकर हमीरपुर कुछेछा के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय की 30 छात्राएं बीमार हो गईं। लड़कियां देर रात उल्टी करने लगीं। उनकी हालत बिगड़ती देख स्कूल स्टाफ ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। 
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मुख्यालय से तीन किमी कुछेछा गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 95 छात्राएं हैं। जो यहीं रहकर पढ़ाई करती हैं। इंचार्ज वार्डेन राधा ने बताया कि रविवार की सुबह पनीर की सब्जी, पूड़ी, दहीबड़ा और रसगुल्ला छात्राओं को दिया गया। तब तक सब ठीक रहा। शाम के नाश्ते में मटर की चाट खिलाई गई। रात के खाने में राजमा की सब्जी, चावल, मिक्स सब्जी, रोटी व मीठी सेवईं दी गईं। रात करीब 11:30 बजे दो छात्राओं के पेट में दर्द व उल्टी शुरूहो गई। इसकी जानकारी उन्होंने बीएसए डॉ . इंद्रजीत प्रजापति को दी। इसके बाद उल्टी करने वाली बालिकाओं की संख्या बढ़ती गई। मौके पर पहुचे बीएसए ने 108 एंबुलेंस को बुलाया और 30 छात्राओं को जिला अस्पताल भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने सभी बच्चों का इलाज शुरू किया। चिकित्सक ने इसे फूड प्वाजनिंग बताया है। मीठी सेवइयों को ही फूड प्वाइजनिंग की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। छात्राओं की हालत में सुधार होने पर चिकित्सक ने सोमवार की सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। 
सदर अस्पताल में मौजूद कुरारा कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की रसोइया पुष्पादेवी पत्नी विनय कुमार ने बताया कि वह रविवार को वह अपने बच्चे को नवोदय की प्रवेश परीक्षा दिलाने आई। इसके बाद वह भी आवासीय विद्यालय में रुक गई। कहा कि उसने भी रात में खाना खाया। जिसमें उसे भी उल्टी शुरू हो र्गइं। फूड प्वाइजिंग के मामले में बीएसए डा.इंद्रजीत प्रजापति ने कहा कि विद्यालय में जितना भी राशन व अन्य सामान मौजूद है। सभी का सैंपल जांच के लिए भिजवाया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। सदर अस्पताल के चिकित्सक डा.राधेरमन गुप्ता ने कहा कि फूड प्वाइजनिंग से छात्राओं की हालत बिगड़ी थी। 
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फूड प्वाजनिंग का शिकार हुईं छात्राएं
छात्रा रोहिणी (11), पायल (11), अनुप्रिया (12), रिंकी (12), सोनी (11), उषा (10), जानकी (13), शिमला (13), निकिता (12), शैफाली (12), कल्पना (10), मुस्कान (9), साधना (12), सोनम (10), निशा (13), शिल्पी (12), सपना (12),  याशमीन (14), राधा (12), रुकसार (13), रूबी (12), खुशबू (13), अंचल (12), ऊषा (12), गुड़िया (11),  खुशबू (11), मनीषा (11), निधि (11), शालिनी (12), लवलेश (12) व रामजानकी (14) 
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