290 परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवन ध्वस्त कराने की तैयारी
तकनीकी समिति के पास लंबित है 161 भवनों की जांच
भवन नीलाम कराकर मलबा हटवाने के बीएसए ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। जिले के 290 परिषदीय विद्यालय के जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि धवस्तीकरण से पूर्व भवनों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। टीम ने 129 भवनों की जांच कर इन्हें ढहाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इन भवनों के गिरने की आशंका के चलते बारिश के दौरान ही ध्वस्त कराने की तैयारी है।
शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के सभी दस ब्लॉकों में 290 परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवन चिह्नित किए हैं। इसमें अकबरपुर में 25, अमरौधा में 44, डेरापुर में 20, झींझक में 26, मैथा में 40, मलासा व संदलपुर में 25-25, राजपुर व रसूलाबाद में 34-34, सरवनखेड़ा में 17 भवन हैं। इन भवनों की स्थिति ज्यादा खराब है। आगे स्कूल खुलने पर इनके ढहने से हादसे की आशंका है। सीडीओ ने इन भवनों को ध्वस्त करने से पहले तकनीकी समिति से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें तकनीकी समिति ने केवल 129 भवनों की जांच रिपोर्ट सौंपी है।
समिति की रिपोर्ट के मुताबिक इन भवनों को ढहाया जा सकता है। अब विभाग ने इन्हें नीलाम कराने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि 161 भवनों की तकनीकी जांच लंबित है। इस पर सीडीओ सीडीओ सौम्या पांडेय ने समिति को फिर से निर्देश जारी कर जांच पूरी करने के लिए कहा है। इन भवनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से नीलामी होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने बारिश के दौरान ही भवन गिराने की तैयारी कर ली है, ताकि आगे स्कूल खुलने से पहले जर्जर भवन की समस्या खत्म कर दी जाए।
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बयान-
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जर्जर भवनों की नीलामी कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी करीब 161 की तकनीकी जांच रिपोर्ट आना बाकी है। जिन भवनों की जांच हो गई है उन्हें नीलाम कराकर मलबा हटवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। - सुनील दत्त, बीएसए