कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नरिहा गांव के पास राष्ट्रपति की फ्लीट रिहर्सल के दौरान पीएसी वाहन से कुचलकर बच्ची के मौत के मामले में पुलिस ने चार दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बच्ची का पिता दो बार तहरीर दे चुका है। सोमवार को वह फिर कोतवाली पहुंचा तो इंस्पेक्टर ने पहले जांच कराने की बात कही। इस पर पांच घंटे वह कोतवाली में जांच का इंतजार करता रहा। बाद में पुलिस ने यह कहकर वापस कर दिया कि बच्ची की मां को लेकर आओ।
अकबरपुर पुलिस ने संवेदनहीनता की हदें पार दी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर फ्लीट रिहर्सल के दौरान 24 जून को पीएसी वाहन से कुचलकर तीन वर्षीय बच्ची कनिष्का की मौत हो गई थी। बच्ची के पिता नगेलिनपुर, घाटमपुर निवासी राजेश पाल ने पहली बार 26 जून को वाहन नंबर के आधार पर तहरीर दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद वह सोमवार को फिर कोतवाली पहुंचे और तहरीर दी। राजेश ने बताया कि सोमवार को तहरीर देने पर कोतवाल ने घटना की जांच कराने की बात कही। वह घाटमपुर से 35 किलोमीटर यात्रा करके 11 बजे कोतवाली पहुंच गया था इसके बाद शाम चार बजे तक जांच होने का इंतजार करता रहा। जांच के नाम पर भेजे गए दो दरोगा पांच घंटे बाद लौटे। इसके बाद उससे कहा कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पत्नी को लेकर आओ। इससे मायूस होकर वह फिर घर लौट गया।
बता दें कि घायल बच्ची को एसपी केशव कुमार चौधरी ने जिला अस्पताल पहुंचाया था वहां से हैलट रेफर कर दिया गया था। 24 जून की रात उसने दम तोड़ दिया था। इसके बाद भी अकबरपुर पुलिस ने मृत बच्ची के पिता की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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बयान-
बच्ची के पिता सोमवार शाम कोतवाली आए हैं। तहरीर दे रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। इसके पहले कोई तहरीर नहीं मिली है।
- तुलसीराम पांडेय, कोतवाल अकबरपुर
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बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज न होने की कोई शिकायत नहीं की है। अगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में लापरवाही की है या फिर उसे बेवजह परेशान किया गया तो शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- केशव कुमार चौधरी, एसपी
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बच्ची की मौत की घटना दुखद है। उसके परिवार के साथ पूरी सहानुभूति है। वाहन दुर्घटना बीमा नीति के अनुसार बच्ची के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
- जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम