कानपुर की गंगा में प्रदूषण फैलाने के नाम पर बंद की गईं जाजमऊ क्षेत्र की 229 टेनरियों को देख बाकी बची 29 टेनरियों के संचालकों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिख कहा है कि जिस तरह से टेनरियों के साथ बर्ताव किया जा रहा है, वे लोग भी 11 जनवरी से अपनी टेनरियां बंद कर देंगे।
टेनरी संचालकों का कहना है कि जिला प्रशासन और जल निगम अधिकारियों की रोज-रोज की धमकी से अच्छा है कि उनका कारोबार बंद रहे। वे कुंभ स्नानों के बीच मिलने वाली रियायत के दिनों में भी टेनरियां नहीं चलाएंगे।
इस बीच मंगलवार को पूरे दिन जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने एक दिन पहले बंद कराई गई 91 टेनरियों के ड्रम सीज किए। ड्रमों को सीज करने की प्रक्रिया में जिस मोटर पर ड्रमों में पानी भरा जाता है उसकी मोटर और ड्रम में लगे कुंडे के बीच लोहे की जंजीर लगाकर उस पर सरकारी सील लगा दी है। यदि कोई उसे तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।