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Kanpur News: 40 होटलों में से 29 में आग बुझाने के इंतजाम नहीं

Thu, 04 Jun 2026 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जनपद में 40 होटल-रेस्टोरेंट संचालित हैं। इनमें केवल 11 होटल-रेस्टोरेंट की फायर एनओसी है जबकि 29 बिना अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम के चल रहे हैं। यहां लोगों के रुकने व रसोई में भोजन पकाने की व्यवस्था है। इससे आग लगने का खतरा बना है। अग्निशमन विभाग द्वारा एक साल में तीन बार नोटिस देने के बावजूद संचालकों ने मानक पूरे नहीं किए है।
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दिल्ली में रेस्टोरेंट में बुधवार को लगी आग से 21 लोग जिंदा जल गए। इससे जिम्मेदारों को सबक लेने की जरूरत है। आग बुझाने के इंतजाम के बिना संचालित होटल-रेस्टोरेंट खतरों भरे हैं। जनपद के अकबरपुर, रूरा, बारा, रनियां, सिकंदरा, भोगनीपुर, मुंगीसापुर समेत प्रमुख स्थानों पर बीते दो साल में होटल-रेस्टोरेंट तेजी से खुले हैं जबकि इस साल कई नए होटल खुल गए हैं।
कानपुर-झांसी व कानपुर-इटावा हाईवे किनारे भी कई बहुमंजिला होटल-रेस्टाेरेंट संचालित हैं। यहां लोगों के रुकने और भोजन परोसने के इंतजाम हैं। अग्निसुरक्षा व जीवन रक्षा के लिए जरूरी आग बुझाने के इंतजाम नहीं होने से दुर्घटना का खतरा है। आग लगने पर तत्काल बचाव कार्य नहीं हो पाएंगे। इससे अधिक नुकसान का खतरा है। वहीं, जीवन रक्षा की बड़ी चुनौती है। इसके बाद भी होटल-रेस्टोरेंट संचालक अग्निसुरक्षा इंतजामों को लेकर लापरवाह हैं। हालात ये हैं कि जिले में 29 होटल रेस्टोरेंट संचालकों को तीन बार नोटिस दिया जा चुका है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को लिखा है।
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बयान.......
होटल-रेस्टाेरेंट में नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) के अनुसार आग से बचाव के इंतजाम जरूरी हैं। इसी आधार पर फायर एनओसी जारी की जाती है। फिलहाल जिले में 11 होटल रेस्टोरेंट में आग से बचाव के इंतजाम पूरे हैं। इस पर फायर एनओसी दी गई है। फायर एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर संचालकों को कई नोटिस दी जा चुकी हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लाइसेंस देने से पहले फायर एनओसी मांगे तो सुधार हो सकता है। - प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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ये इंतजाम जरूरी
- पांच हजार लीटर पानी भंडारण क्षमता का ओवर हेड टैंक
- आग बुझाने के लिए जरूरी होजरील (जीन पाइप)
- लैंडिंग वाल्व (जीन पाइप जोड़कर पानी ले सकते हैं)
- प्रेशर से पानी की बौछार के लिए पांच एचपी मोटर पंप
- फायर एलार्म व अग्निशमन यंत्र

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फ्रेंचायजी होटलों पर नहीं किसी का ध्यान
जिले में मौजूदा समय में करीब 50 से अधिक फ्रेंचायजी होटल खुले हैं। एक या दो कमरों वाले इन फ्रेंचायजी होटलों में आग बुझाने के इंतजाम भी नहीं हैं। यहां लोग रुकते हैं। इसके बाद भी किसी जिम्मेदार का इस ओर ध्यान नहीं है। अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि 100 स्क्वायर मीटर से कम वाले एरिया व नौ मीटर ऊंचाई वाले परिसर में नेशनल बिल्डिंग कोड लागू नहीं होता है। इसका फायदा संचालक उठाते हैं।
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नक्शा स्वीकृत प्राधिकरण भी बने जवाबदेह
नगरीय क्षेत्र में नगर निकाय, ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत और जिला मुख्यालय के नगर अकबरपुर व मैथा तहसील के गांव मिलाकर कुल 132 गांव केडीए में शामिल हैं। इसमें हाईवे-19 के पास बसे 23 गांव बीते साल ही केडीए में शामिल किए गए हैं। संबंधित नगर निकाय, जिला पंचायत व केडीए ही नक्शा स्वीकृत प्राधिकरण हैं। बिना फायर एनओसी के होटल-रेस्टोरेंट का नक्शा स्वीकृत न हो और सराय एक्ट में होटल पंजीकृत हों जरूरी है। बीते साल सराय एक्ट में पंजीयन के लिए तहसील स्तर से प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन पंजीयन की शुरुआत नहीं हो सकी है।
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