कानपुर देहात। केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए अब महिलाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 212 लखपति सीआरपी (कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) का चयन किया जा चुका है। अब 200 अन्य को जल्द चयनित कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर स्व रोजगार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें भी रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं। योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाना है। साथ ही प्लंबिंग और एलईडी बल्ब निर्माण जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण भी प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए पूर्व में चयनित 212 लखपति सीआरपी ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं को प्रेरित करने का काम कर रही हैं।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि यह पहल राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। जिले में 101805 महिलाओं को अलग-अलग कौशल का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के तहत पहले चरण में चयनित 212 लखपति सीआरपी को ड्रोन चलाने, एलईडी बल्ब जैसे आधुनिक तकनीकी का प्रशिक्षण दिया गया है, जो महिलाओं को इन कौशल में निपुण बना रही हैं। योजना की सफलता को देखते हुए अब 200 अन्य का चयन किया जाना है। इसका उद्देश्य जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक लखपति सीआरपी को तैनात किया जाना है, जो महिलाओं को स्व रोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें कारोबार शुरू करने में सहायता प्रदान करेंगी।
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बयान
पहले चरण में चयनित 212 लखपति सीआरपी के बेहतर कार्य को देखते हुए इनकी संख्या में बढ़ोतरी करने की तैयारी है। इसके लिए समूह के बीच से 200 महिलाओं का चयन किया जाना है। चयनित महिलाओं को प्रशिक्षित करने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - अशोक कुमार, उपायुक्त, एनआरएलएम