कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम कॉन्क्लेव और क्षेत्रीय ट्रेड शो का रविवार को समापन हुआ। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने प्रदेश के 29 एमएसएमई उद्यमियों और 40 हस्तशिल्पकारों को उनके श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया।
तीन दिन चले इस कॉन्क्लेव और क्षेत्रीय ट्रेड शो में 150 से अधिक नए उद्यमों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां विश्वविद्यालय के 20 पूर्व छात्रों को सम्मानित भी किया गया। राज्य हस्तशिल्प और जिला हस्तशिल्प पुरस्कार के तहत 40 शिल्पकारों को उनकी कलाकृतियों के लिए पुरस्कृत किया गया। टेक्सटाइल नीति के तहत पांच, तकनीकी उन्नयन योजना के अंतर्गत 20 और पिच टैंक टॉप के तीन उद्यमियों को सम्मान मिला। एमएसएमई प्रादेशिक पुरस्कार में 29 उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति है कि पढ़-लिखकर आगे बढ़ रहे युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर दें। विभाग की ओर से प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस दौरान अपर आयुक्त उद्योग रोहित आनंद, सुनील कुमार, सीएसए के कौशल कुमार, वी के त्रिपाठी, रेनू सिंह और नसीम अख्तर उपस्थित रहे।
अलीगढ़ के पीपीएस इंटरनेशनल के संचालक प्रवीण कुमार गुप्ता को सूक्ष्म उद्योग श्रेणी का पहला पुरस्कार मिला। उन्हें 50 हजार रुपये दिए गए। उनकी फैक्टरी पीतल, एल्युमिनियम, आयरन और जिंक के उत्पाद तैयार करती है। 2.15 करोड़ रुपये के निवेश से उन्होंने पिछले साल करीब 13 करोड़ का कारोबार किया है।
मेरठ की एवीए हैंडफैब को कालीन निर्यात के लिए विशिष्ट गुणवत्ता उत्पाद पुरस्कार मिला। कंपनी के निदेशक अमित गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय की पढ़ाई के बाद उन्होंने कालीन निर्माण शुरू किया। गुणवत्ता पर जोर देने के कारण अब उनके कालीन की मांग पूरे विश्व में हो रही है। मंत्री सचान ने कहा कि प्रदर्शनी में आकर कई युवाओं को नए उद्यमों की बारीकियां पता चलीं। सूक्ष्म लघु इकाइयों को देखकर 2500 युवाओं ने उद्यम स्थापित करने में रुचि दिखाई है।