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दिसंबर में 2800 करोड़ का चमड़ा निर्यात गिरा, चीन से आयात बेहद कम होने से नहीं आ रहे कंटेनर

Fri, 22 Jan 2021 04:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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चमड़ा निर्यात - फोटो : amar ujala
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कोरोना के चलते वैसे ही चमड़ा कारोबारियों को नाममात्र के आर्डर मिल रहे हैं, चीन से अन्य वस्तुओं का आयात बेहद कम होने से समस्या और बढ़ गई है। दरअसल, आयात न होने से यहां कंटेनर भी नहीं आ रहे हैं। इस कारण चमड़ा कारोबारी अपने उत्पाद बाहर नहीं भेज पा रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी बंद हैं, जहां की चल रहीं, उनका भाड़ा बहुत महंगा हो गया है। 100 रुपये किलो पड़ने वाला भाड़ा अब 400 तक पहुंच गया है। केवल दिसंबर की बात करें तो 2019 के मुकाबले 2020 में 2800 करोड़ का निर्यात गिरा है। कोरोना से पहले चीन से बड़े पैमाने पर समुद्री रास्ते से सामान आयात होता था।

इसके चलते कंटेनरों की उपलब्धता आसानी से हो जाती थी। सामान्य दिनों में शहर से हर महीने चार हजार कंटेनर जाते थे। इतने ही वापस आते थे। अब चीन से आयात निर्यात लगभग बंद जैसा है। अन्य देशों से 2500 कंटेनर आ रहे हैं। इस वजह से चमड़ा उत्पादों का भरपूर निर्यात नहीं हो पा रहा है।
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दिसंबर 2019 में देशभर में चमड़ा या उससे जुड़े उत्पादों का 411.23 मिलियन डालर का निर्यात हुआ था। दिसंबर 2020 में यह 338.33 मिलियन डालर रहा। इस अवधि में शहर का 2800 करोड़ का निर्यात कम हुआ। अप्रैल 2019 से दिसंबर 2019 तक देशभर से कुल 3609.55 मिलियन डालर का निर्यात हुआ, जबकि इसी दौरान 2020 में यह 2353.45 मिलियन डालर रहा। करीब 34.80 फीसदी कम हुआ।


कंटेनरों की कमी के चलते माल डिस्पैच कराने में बड़ी समस्या आ रही है। शिपिंग कंपनियां भी मनमाने दाम लगा रही हैं। कंटेनर उपलब्ध हों तो निर्यात बढ़ सकता है। इस संबंध में फियो की ओर से भी सरकार को पत्र भेजा गया है।
जफर फिरोज, आयात-निर्यात विशेषज्ञ

यूरोप व अन्य देशों में कोरोना के कारण आर्डर पहले से बहुत कम हो गए हैं। जो आर्डर भी हैं, उन्हें भेजने के लिए कंटेनर नहीं हैं। उत्पाद की लागत भी बढ़ रही है। कारोबारियों पर दोहरी  कमार पड़ रही है।
जावेद इकबाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चर्म निर्यात परिषद

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