रनियां क्षेत्र में एक फैक्टरी की चिमनी से निकलता धुआं।
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रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां व जैनपुर में प्रदूषण फैलाने वाली छोटी-बड़ी 28 फैक्टरियां ऐसी पाई गई हैं, जिनके पास पर्यावरण एनओसी नहीं है। हालांकि इनमें से चार ने एनओसी के लिए आवेदन कर दिया है। इधर सरकार ने एक माह में एनओसी जारी किए जाने का आदेश दिया है। जिससे उद्यमी राहत महसूस कर रहे हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विभाग के मुताबिक रनियां व जैनपुर में प्रदूषणकारी 300 फैक्टरी संचालित है। जिनमें 272 फैक्टरियों में पर्यावरण की एनओसी है। यह वह फैक्टरियांं है जो सभी मानक पूरे करती हैं। वहीं कुछ ऐसी फैक्टरियां है जो मानकों को पूरा किए बगैर संचालित हो रही हैं। विभाग ने इनका सर्वे कराया तो 38 फैक्टरी सामने आईं हैं। इन फैक्टरियों ने विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं लिया है। सर्वे में यह भी बता चला कि इनमें से 10 फैक्टरी ऐसी है जिन्होंने प्रदूषण मुक्त उत्पादन करना शुरू कर दिया है। इस तरह अब 28 ही ऐसी हैं, जो बिना एनओसी के संचालित हो रही है। इनको आवेदन कर एनओसी लेने के निर्देश दिए गए हैं।
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कई फैक्टरियाें से निकलता प्रदूषणकारी धुआं
रनियां व जैनपुर में खाद्य तेल बनाने से लेकर केमिकल, प्लास्टिक, कपड़ा आदि के उद्योग संचालित हैं। इनमें कई फैक्टरी ऐसी हैं जिनकी चिमनियों से धुआं निकलता है। इससे वातावरण भी दूषित हो रहा है। हालांकि सख्ती के चलते कई जगह सुधार भी हुआ है।
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वर्जन...
विभाग से 300 में 271 फैक्टरी संचालकों ने पर्यावरण की एनओसी ली है। सर्वे में 28 फैक्टरी बिना एनओसी के पाई गई हैं। इनमें से चार ने आवेदन कर दिया है। शेष को नोटिस जारी किया जा रहा है। समय से आवेदन करने व मानक पूरा करने पर एनओसी जारी की जाएगी। - मनोज चौरसिया, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
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सरकार ले उद्यमियों के हित में फैसला
उद्यमी हरदीप सिंह राखरा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उद्यमियों के लिए राहत भरा ऐलान किया है। इससे उद्यमियों को राहत होगी। मगर इस पर अफसर कितना खरे उतरते है यह तो आगे पता चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से उद्यमियों के लिए नई योजनाएं और राहत देने के लिए ऐलान किया, लेकिन अफसर कार्यालयों का चक्कर लगवाते हैं। उद्यमी विनोद तिवारी ने बताया कि पर्यावरण एनओसी बनने में समय लगता है। इस ऐलान से राहत मिलेगी। उद्यमियों को अब चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।