डिफॉल्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि जो लोग चिह्नित किए गए हैं, वे लंबे समय से टीडीएस नहीं जमा कर रहे हैं। इन सभी को विभाग पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है। कुछ संस्थानों में सर्वे की भी कार्रवाई की गई है। अब आयकर टीडीएस विंग ऐसे डिफॉल्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जा रहा है।
कानपुर रीजन में ये जिले
कानपुर नगर के अलावा पश्चिमी उप्र के आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा व एवं उत्तराखंड का देहरादून शामिल है।
आटोमोबाइल क्षेत्र में ऐसे हो रही कर चोरी
10 लाख के वाहन की बिक्री पर शोरूम संचालक को एक प्रतिशत टीसीएस जमा करना होता है लेकिन वो जमा नहीं किया जा रहा है। दरअसल संचालक 10 लाख से कम का बिल कटवाते हैं या पैन न होने का हवाला देकर फार्म 60 भरवा लेते हैं, लेकिन आयकर विभाग में जमा नहीं करते हैं।
टीडीएस प्रमाण पत्र नहीं देते
उद्योगों-शिक्षण संस्थानों में वैतनिक और गैर वैतनिक लोग काम करते हैं। गैर वैतनिक को जो वेतन दिया जाता है, उस पर 10 फीसदी का टीडीएस काटा जाता है। आयकर रिटर्न दाखिल करने में इसका भुगतान होता है, लेकिन इन क्षेत्रों के लोगों को प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। इसी तरह सराफा कारोबारी भी कर्मचारियों को अलग-अलग मदों में वेतन भुगतान कर रहे हैं और टीडीएस नहीं काट रहे हैं।