बीएड, एमएड, डीएलएड सहित अन्य टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम में इसी सत्र से 10 प्रतिशत इकनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटा लागू कर दिया गया है। इस बाबत शुक्रवार को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने आदेश जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे मंजूरी दी है। इस दस प्रतिशत आरक्षण को रोस्टर के अनुसार लागू करने पर सभी कोर्स में 25 प्रतिशत सीटों में इजाफा होगा। इससे बीएड में इसी साल करीब 52 हजार सीटें बढ़ जाएंगी। एमएड में करीब 30 हजार और डीएलएड में करीब 45 हजार सीट बढ़ेंगी।
उत्तर प्रदेश सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने बताया कि एनसीटीई के आदेश के बाद अब इसे सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय, बरेली ने बीएड की प्रवेश परीक्षा कराई थी। 15 जुलाई बीएड में दाखिले की अंतिम तिथि है। इसलिए सोमवार तक विश्वविद्यालय की तरफ से एडमिशन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी जाएगी।
बीएड की हर सीट के लिए मारामारी
इस बार बीएड की एक-एक सीट के लिए मारीमारी है। सीधे दाखिले की प्रक्रिया में भी आगरा विश्वविद्यालय और मेरठ विश्वविद्यालय छोड़कर अन्य सभी जगह करीब 95 प्रतिशत सीटें भर चुकी हैं। विनय त्रिवेदी ने बताया कि ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने से बड़ी संख्या में छात्रों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि चूंकि सत्र 2020-21 से बीएड चार साल का हो जाएगा, इसलिए भी इस बार काफी छात्र एडमिशन ले रहे हैं।