सरवनखेड़ा। गजनेर थाना क्षेत्र के दुवारी में ग्राम समाज की करीब 25 बीघा जमीन शनिवार को कब्जा मुक्त कराई गई। पुलिस बल की मौजूदगी में नायब तहसीलदार गजनेर ने बोई गई गेहूं की फसल नष्ट करा दी।
राजस्व अभिलेखों में दुवारी में गाटा संख्या 154 में ऊसर बंजर भूमि दर्ज है। ग्राम प्रधान रेखा सिंह ने करीब पच्चीस बीघे सरकारी जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर गेहूं व सरसों की फसल बोने की शिकायत की गई थी। इसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही मिली।
इसपर शुक्रवार को नायब तहसीलदार विक्रम के नेतृत्व में कानूनगो संतोष, अजय सिंह, लेखपाल सोनी सिंह व रमाकांत श्रीवास्तव की राजस्व टीम और गजनेर, अकबरपुर व रनियां थाना पुलिस तीन बुलडोजर व तीन ट्रैक्टर लेकर पहुंची। इसके बाद सरकारी जमीन पर उगाई गई गेहूं की फसल नष्ट करा भूमि कब्जा मुक्त कराई गई।
नायब तहसीलदार ने बताया कि सरसों की फसल मौके पर नहीं मिली। ऊसर बंजर भूमि पर गेहूं बोकर कब्जा का प्रयास किया गया था। गेहूं की फसल ठीक से उगी भी नहीं थी। शिकायत के क्रम में बुलडोजर से उगी फसल नष्ट कराकर सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई गई। इधर कब्जे के आरोपी पक्ष के गोपाल शुक्ला ने बताया कि यह जमीन उनकी पैतृक जमीन है। कई पीढ़ियां यहां खेती करती रहीं। यह जमीन कोऑपरेटिव सोसाइटी समिति के नाम दर्ज थी जिसमें दादा सदस्य थे। वर्ष 1980 में समिति से हटने के बाद जमीन पर उनका नाम आया लेकिन गाटा संख्या गलत दर्ज हो गई। मामला हाईकोर्ट व राजस्व परिषद में विचाराधीन है। आरोप लगाया कि कोई नोटिस भी नहीं दी गई और फसल नष्ट करा दी गई।