कानपुर। गोल चाैराहा से आईआईटी तक 11 किमी लंबे जीटी रोड में 220 गड्ढे हैं। इस तरह हर एक किलोमीटर पर 20 गड्ढे हो गए हैं। जगह-जगह-बजरी अलग से फैली पड़ी है।
इस सड़क से दिल्ली, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बरेली आदि स्थानों के लिए लोग आवाजाही करते हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मंगलवार को पड़ताल की तो हृदय रोग संस्थान के सामने सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे मिले। कुछ गड्ढों के ऊपर एक भारी वाहन खड़ा था अन्य गड्ढों की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ रही थी। इसी तरह, रावतपुर क्राॅसिंग पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरा हुआ था। सड़क पर पत्थर लगाकर डायवर्जन करने से भी रफ्तार कम करनी पड़ रही थी। इसके साथ ही कुछ दूरी पर ऑटो चालकों को जमावड़ा लगा मिला। इससे जाम की स्थिति बनी हुई थी।
इसी तरह गुरुदेव चौराहा से मेट्रो के पिलर नंबर 107 तक सड़क की स्थिति बेहद दयनीय मिली। यहां पर छोटे बड़े कुल 70 गड्ढे थे। इसी तरह यूनिवर्सिटी, बुडवाइन स्कूल, एसपीएम अस्पताल, पेट्रोल पंप, बगिया क्राॅसिंग के सामने सहित अन्य जगहों पर बजरी निकली पड़ी थी।
सही से नहीं कराई मरम्मत
जीटी रोड से आईआईटी को जाने वाली सड़क का कुछ हिस्सा तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों दुरुस्त करा दिया है लेकिन हाल यह है कि दुरुस्त हुई सड़क के बगल में ही कई जगहों पर गड्ढे थे। साथ ही गड्ढों के बीच सड़क की मेड़ बन गई है। इसके अलावा सड़क पर कहीं भी जेब्रा क्राॅसिंग नहीं दिखाई दी।
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माैसम खुलने वर सड़क बनाई जाएगी
बारिश की वजह से सड़क का काम बाधित है। सात दिन खुला मौसम मिल जाए तो पूरी सड़क को ठीक करा देंगे। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द इसे ठीक कराया जाएगा। -अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच