फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डायलिसिस के लिए 22 किमी स्कूटी चला उर्सला पहुंचा गुर्दा रोगी

विज्ञापन
डायलेसिस के लिए स्कूटी से जाते मरीज शिवा शंकर
विज्ञापन
कोरोना के चलते लॉकडाउन से दूसरे गंभीर मरीजों की जान पर बन आई है। गंगाघाट उन्नाव के रहने वाले गुर्दा मरीज शिवशंकर डायलिसिस कराने के लिए 22 किमी स्कूटी चलाकर उर्सला पहुंचे। उनके दोनों गुर्दे करीब 80 फीसदी खराब हो चुके हैं। अस्पताल पहुंचने पर उनकी हालत और खराब हो गई।
विज्ञापन

शिवशंकर (45) उर्सला इमरजेंसी स्थित डे केयर डायलिसिस यूनिट में डायलिसिस कराते हैं। 27 अप्रैल को गंगा घाट में एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद पांच लाख की आबादी वाले इस कस्बे में आने-जाने के साधन और रास्ते बंद कर दिए गए। इससे शिवशंकर को स्कूटी मांगनी पड़ी। और वे वीगो लटकाए खुद स्कूटी चलाकर उर्सला आए। साथ में पत्नी पायल भी थीं।
मरीज का आरोप है कि उर्सला जाने के लिए उन्नाव जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई लेकिन साधन नहीं मिल पाया। उनका घर गांधीनगर में दूसरी तरफ पड़ता है। इसके बावजूद साधन बंद करा दिए गए। दोनों पुलों पर आना-जाना बंद है। गंगा बैराज की ओर से निकले। बीच में तबीयत बिगड़ी तो स्कूटी रोककर आराम करने के बाद फि र निकले। उनकी पत्नी दूसरे के घरों में खाना बनाकर परिवार पाल रही हैं। बताया उनका आठ वर्षीय बेटा है।
विज्ञापन

डायलिसिस यूनिट प्रभारी के मुताबिक शिवशंकर की हालत गंभीर है। स्कूटी से आना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता था। इसके अलावा यूनिट के अन्य रोगियों को भी डायलिसिस कराने के लिए आने में दिक्कत हो रही है। अपर पुलिस अधीक्षक, उन्नाव विनोद कुमार पांडे ने बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर पुल को सील किया गया है। जिलाधिकारी इन समस्याओं को लेकर मंथन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें