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334 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव, 132 का इंतजार

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माती बस अड्डे पर बैठे महाराष्ट्र से लौटे मजदूर। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले में एक युवक के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद जांच के लिए अधिक से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। शनिवार तक संदिग्धों के भेजे गए कुल 466 सैंपलों में 334 की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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झारखंड निवासी एक तीस वर्षीय युवक 27 अप्रैल को मेडिकल कालेज कानपुर से आई रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। सैनिटाइजर पीने से शुक्रवार को उसकी हैलट अस्पताल में मौत हो गई थी।
युवक के संपर्क में आए 29 लोगों को चिह्नित कर उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने बताया कि शनिवार तक कुल 466 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कालेज भेजे जा चुके हैं। इनमे से 334 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अभी 132 संदिग्धों की रिपोर्ट आना बाकी है। झारखंड निवासी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए 29 लोगों के सैंपल जांच की रिपोर्ट नहीं आई है।
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महाराष्ट्र से बिना जांच के आ रहे मजदूर
कानपुर देहात। कोरोना वायरस का संक्रमण महाराष्ट्र में ज्यादा है। वहां से बिना जांच के ही मजदूर आ रहे हैं। इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। शनिवार को महाराष्ट्र के देवरी, जिला गोदिया से लौटे दो मजदूर माती बस अड्डे पर पहुंचे।
महाराष्ट्र से लौटे सलेमपुर ककवन कानपुर निवासी अनुपम बाजपेई व अनेई ककवन निवासी सुमित पाल ने बताया कि महाराष्ट्र के देवरी में आइसक्रीम व कुल्फी की फेरी लगाते थे। लॉकडाउन के बाद से फंसे थे। घर लौटने का निश्चय कर चार दिन पहले निकले थे। किसी तरह से नागपुर पहुंचे। अलग-अलग ट्रक से टुकड़ों में किसी तरह से मध्य प्रदेश पहुंचे। वहां से ट्रक से झांसी आए। फिर दूसरे ट्रक से कालपी जालौन पहुंचे। बाद में पैदल चल कर माती बस अड्ड़ा पहुंचे। मजदूरों ने बताया कि बस अड्ड़ा देखकर वाहन मिलने की उम्मीद से रुक गए। कहा कि उनकी जांच नहीं हुई। कालपी में पुलिस ने रोका था, लेकिन फिर दूसरे रास्ते से वह पैदल चलकर निकल आए। एसपी अनुराग वत्स ने कहा कि कालपी बार्डर पर बनाए गए बैरियर पर बाहरियों को रोका जा रहा है। फिर भी अंदर के रास्तों या फिर खेतों के रास्ते बाहरी जिले में प्रवेश कर जाते हैं। हाईवे पर बारा जोड़ व अन्य रास्तों पर भी बैरियर बनाए गए हैं। बाहरी के मिलने पर उसे क्वारंटीन सेंटर भेजा जाएगा।
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