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खदरी में मचा कोहराम, सिर्फ सुनाई दे रही चीखें

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भीतरगांव/घाटमपुर। (कानपुर)। कस्बे के खदरी गांव में जहरीली शराब पीने से बुधवार को एक और युवक की इलाज के हैलट अस्पताल (कानपुर) में मौत हो गई। शराब पीकर मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच गई है। मरने वालों में सुखइयापुर (साढ़) के 02, भेल्सा गांव का 01 और कोरथा गांव के 05 लोग शामिल हैं। सबसे ज्यादा पांच मौतें खदरी गांव में हुई हैं।
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जहरीली शराब के सेवन से बीमार खदरी गांव निवासी अभिलेष उर्फ दन्नू कुशवाहा (32) को हैलट में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज चल रहा था। बुधवार को हैलट में अभिलेष की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर बाद उसका शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। मां रामश्री, पत्नी आशा और चार वर्षीय बेटे अनमोल का हाल-बेहाल था। पड़ोसियों ने बताया कि 13 मार्च को अभिलेष कोअपने छोटे भाई के लिए लड़की की गोदभराई करने जाना था। लेकिन, गोदभराई में नहीं जा सका और उसकी लाश घर पहुंची। गांव के ही युवक नीरज पासी ने बीते 11 मार्च को हुई शराब पार्टी के बारे में जानकारी दी। बता दें कि, जहरीली शराब पीने से नीरज के भी पिता और भाई की भी मौत हुई है।

रामशंकर के बच्चों का विलाप देख सभी दुखी
जहरीली शराब के सेवन से मंगलवार की रात मरे खदरी गांव निवासी रामशंकर का शव भी पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को गांव पहुंचा। जैसे ही शव को गाड़ी से उतारकर उसके घर के बाहर रखवाया गया तो मृतक के बच्चे शिवानी (8), पलक (4), यश (2) के साथ पत्नी रामदेवी और मां राजरानी की चीखों से माहौल गमगीन हो गया। वहीं, रामशंकर का वृद्ध पिता रामलाल शून्य में एकटक निहार रहा था।
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दो शव देख भड़का आक्रोश, अधिकारियों का घेराव
बुधवार की सुबह जैसे ही खदरी गांव में अभिलेष उर्फ दन्नू और रामशंकर के शव पहुंचे। तभी, गांव के लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। भीड़ गांव के परिषदीय विद्यालय में कैंप किए अधिकारियों का घेराव करने पहुंच गई। भीड़ की मांग थी कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए, और घटना के दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भीड़ ने शवों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। लेकिन, बाद में अधिकारियों ने कार्रवाई करने का भरोसा देकर लोगों को शांत किया। भीड़ का आरोप था कि पुलिस मुख्य आरोपी विमल कुशवाहा को गिरफ्तार कर चुकी है लेकिन, उसको जेल नहीं भेजा है। भीड़ पड़ोसी गांव गहोलिनपुरवा निवासी किसी सरवर अली नामक व्यक्ति का भी नाम जहरीली शराब के धंधे से जोड़ रही थी। साढ़ चौकी में तैनात एक सिपाही की भी भूमिका पर उंगली उठाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि 9 मार्च को सुखइयापुर गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद कुछ लोगों ने सरवर अली नामक व्यक्ति को दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की थी। लेकिन, साढ़ चौकी के सिपाही ने उसको बचाकर मौके से निकाल दिया था।
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