उन्नाव। निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। शासन ने सीएमओ को पत्र भेजकर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों की रिपोर्ट मांगी है। गोपनीय तरीके से ऐसे चिकित्सकों की रिपोर्ट तैयार की जाएंगी जो प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों पर कार्रवाई होगी।
सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक निजी अस्पतालों में भी प्रैक्टिस करते हैं। ओपीडी के अलावा आपरेशन तक में वह सक्रिय हैं। समय समय पर शासन सरकारी अस्पताल में कार्य कर रहे चिकित्सकों को निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस न करने की चेतावनी देती रहती है। हालांकि चिकित्सक ऐसा नहीं कर रहे हैं।
शासन की खुफिया जांच में भी इसका खुलासा हो चुका है। जिसमें जिले के पांच चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस करने के प्रमाण एक साल पहले मिले थे। हालांकि शासन ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इस बीच एक बार फिर शासन को सरकारी चिकित्सकों द्वारा नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करने की शिकायत मिली है। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने सीएमओ को पत्र भेजकर ऐसे चिकित्सकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जो चेतावनी के बाद भी प्राइवेट प्रैक्टिस में संलिप्त हैं। रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी।
सीएमओ डा. लालता प्रसाद ने बताया कि चिकित्सकों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की चेतावनी दी गई है। जो प्रैक्टिस कर रहे हैं उनकी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
-गोपनीय तरीके से तैयार होगी रिपोर्ट, प्रमाण मिलने पर होगी कार्रवाई