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योजनाओं की प्रगति खराब होने पर डॉक्टरों को फटकार

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कानपुर देहात। शनिवार को स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति खराब मिलने पर डीएम ने संदलपुर व डेरापुर चिकित्सा प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जिला अस्पताल में प्रसव की संख्या कम होने पर चिंता जाहिर की तथा सीएमएस को निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों से साठगांठ करनेवाले कर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। वहीं, दीपावली पर खासतौर पर डॉक्टरों को अस्पताल न छोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की डीएम ने समीक्षा बैैठक की। बैठक के दौरान डीएम राकेश कुमार सिंह ने जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, नियमित टीकाकरण आदि की प्रगति की समीक्षा की। जिसमें संदलपुर पीएचसी व डेरापुर सीएचसी की हालत सबसे खराब मिली। इस पर दोनों अस्पतालों के प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके साथ ही सीएमओ को निर्देश दिए कि योजनाओं में शिथिलता बरतने वाले डाक्टरों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। आशाओं के चयन को लेकर सख्त निर्देश दिए। संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 14 से 18 नवंबर तक चलने वाले अभियान की रूपरेखा तय करने के निर्देश दिए। दीपावली पर किसी भी हालत में सीएमओ सहित सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारी स्वास्थ्य केन्द्र नहीं छोड़ेेंगे। अगर ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान खुलासा हुआ कि जिला अस्पताल में प्रसव के मामले में कम आ रहे हैं। इस पर महिला सीएमएस को डीएम ने निर्देश दिया कि वह इस पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है कि जिला अस्पताल के कर्मी निजी अस्पतालों से साठगांठ कर प्रसूताओं को वहां भेज देते हैं। जिसमें आशाओं की भी भूमिका रहती है। ऐसे कर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सीएमओ से कहा कि वह आशाओं के साथ बैठक कर उन्हें कठोर चेतावनी जारी करें। प्रसव के मामलों में लाभार्थियों के खाते में तत्काल सहायता राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए। नियमानुसार टीकाकरण करने के निर्देश दिए। सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को वैक्सीन के रखरखाव के लिए फ्रिज आदि की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। आशाओं का मानदेय समय से भुगतान करने के लिए कहा। इसके साथ ही बिना पंजीयन के चल रहे नर्सिंग होम व पैथालॉजी संचालकों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश सीएमओ को दिए। डीएम ने बीएसएस व डीआईओएस को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई आयरन की गोलियां व दवाओं को बच्चों को खिलाएं। समीक्षा में रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत विद्यालयों से फार्म न आने पर डीआईओएस व बीएसए को कड़ी चेतावनी दी। बैठक में सीडीओ महेंद्र कुमार राय, सीएमओ डा. हीरा सिंह, एसीएमओ डा. बीपी सिंह, डीडीओ अभिराम त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, सीएमएस डा. रामबाबू गुप्ता, महिला सीएमएस डा. कुमकुम शर्मा आदि सभी सीएचसी पीएचसी प्रभारी मौजूद रहे।
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