नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। चकबंदी के लिए एक गांव में रायशुमारी करने गए सीओ चकबंदी और लेखपाल को ग्रामीणों ने घेर कर हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख सीओ ने यूपी 100 को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव पुटरी में 1999 से चकबंदी प्रस्तावित है। तभी से गांव के लोग चकबंदी का विरोध कर रहे हैं। लोगों की राय जानने के लिए शनिवार को सीओ चकबंदी हृदयेश कुमार, लेखपाल मनीष श्रीवास्तव व पेशकार आशीष कुमार गांव गए थे। गांव के स्कूल में ग्रामीणों के साथ उनकी बैठक चल रही थी। इसी दौरान चकबंदी का विरोध कर रहीं कुछ महिलाओं और ग्रामीणों ने सीओ व लेखपाल को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया।
महिलाओं व ग्रामीणों ने पैसा नहीं होने व भागदौड़ की बात कहकर चकबंदी का विरोध किया। उनका कहना था कि गांव के करीब 95 प्रतिशत लोग चकबंदी के विरोध में हैं। खुद को ग्रामीणों से घिरा देख सीओ ने यूपी 100 पर सूचना दी। नवाबगंज थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि सीओ चकबंदी को गांव जाने से पहले थाने में सूचना देनी चाहिए थी। यदि वह सूचना देते तो गांव में पुलिस टीम भेजी जाती। ऐसे में यह नौबत ही नहीं आती। सीओ चकबंदी का कहना था कि उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जो चकबंदी नहीं चाहते हैं वे कागज पर हस्ताक्षर करके दें। इसके लिए ग्रामीण तैयार नहीं हुए। वे सिर्फ मौखिक विरोध कर रहे हैं। विवाद बढ़ता देख यूपी 100 को सूचना दी थी।
ग्रामीणों के बीच फंसे चकबंदी अफसर को पुलिस ने बचाया
क्रासर-
रायशुमारी के लिए गए थे फर्रुखाबाद सदर तहसील के गांव पुटरी
थानाध्यक्ष ने कहा, पुलिस को साथ लेकर जाना चाहिए था गांव
अमर उजाला ब्यूरो