फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व प्रधान दंपति की संपति होगी कुर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। कंपिल थाने के गांव त्योरखास के प्रधान रह चुके राजेश यादव और उसकी पत्नी ऊषा देवी की चल-अचल संपत्ति कुर्क होगी। गलत तरीके से अर्जित की गई बेहिसाब संपत्ति के प्रबंधन के लिए तहसीलदार कायमगंज को प्रशासक बनाया गया है। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने एसपी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है।

मूल रूप से त्योरखास निवासी राजेश यादव अपनी पत्नी ऊषा देवी के साथ इस समय कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव ब्राहिमपुर में रहता है। ऊषा देवी भी त्योरखास की प्रधान रह चुकी हैं। आरोप है कि खुद को सपा नेता बताने वाले राजेश ने गलत तरीके से लाखों की संपत्ति अर्जित की है। उस पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। वह गैंगस्टर में जेल भी जा चुका है।
विज्ञापन


एसपी दयानंद मिश्रा ने 27 अगस्त को राजेश के खिलाफ संगठित गिरोह बनाकर अनैतिक तरीके से अपने व परिवार के नाम संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। रिपोर्ट में राजेश के नाम एक अक्तूबर 2014 को जमीन खरीद, 20 दिसंबर 2003 को गांव ब्राहिमपुर में पत्नी ऊषा देवी के नाम से जमीन खरीद, 18 अगस्त 2010, 12 जनवरी 2010, आठ सितंबर 2011, 19 जून 2010 को पत्नी ऊषा देवी के नाम संपत्ति खरीद का ब्योरा दिया गया है। एसपी की रिपोर्ट के मुताबिक राजेश के पास गलत तरीके से खरीदे गए दो वाहन भी हैं, जबकि आय का कोई साधन नहीं है।
विज्ञापन


एसपी की रिपोर्ट पर डीएम ने धारा 14 (1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद व समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत राजेश और पत्नी ऊषा देवी की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए। तहसीलदार कायमगंज गजेंद्र सिंह ने बताया कि धारा 14 (1) के तहत होने वाले आदेश में संपत्ति कुर्क मानी जाती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही संपत्ति पर कब्जा कर लिया जाएगा। कायमगंज सपा नगर अध्यक्ष सत्यनारायण वर्मा का कहना है कि राजेश यादव कभी किसी पद पर नहीं रहा है। पूर्व प्रधान होने के कारण वह खुद को सपा नेता बताता रहा है।


पूर्व प्रधान दंपति की संपत्ति होगी कुर्क
गैंगस्टर सहित कई मामलों में आरोपी है फर्रुखाबाद के त्योरखास का पूर्व प्रधान राजेश
अनैतिक तरीके से अपने और परिवार के नाम संपत्ति अर्जित करने का आरोप
पत्नी भी रह चुकी है प्रधान, डीएम ने तहसीलदार को बनाया कुर्क संपत्ति का प्रशासक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें