बिल्हौर(कानपुर)। कोतवाली क्षेत्र के मेडुआ गांव में सेवानिवृत्त दरोगा ने पैतृक संपत्ति पर कब्जे के लिए अपने ही बुजुर्ग बहन और उसकी दो पुत्रियों पर भाड़े पर बुलाई महिलाओं के साथ हमलाकर बुरी तरह घायल कर दिया। सेवानिवृत्त दारोगा ने मकान पर कब्जे को लेकर बहन का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया। मारपीट के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घायलों को सीएचसी भेज आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
जीटी रोड किनारे स्थित मेडुआ गांव में बुजुर्ग उषा देवी पति बृजेंद्र की मौत के बाद अपनी दो पुत्रियों माला और ज्योति के साथ करीब 30 सालों से पिता के मकान में रह रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के जिस मकान में उषा अपनी पुत्रियों के साथ रह रही हैं, उसको लेकर सेवानिवृत्त दरोगा भाई उदयभान और उसकी पत्नी संतोष कुमारी से विवाद चला आ रहा है।
कोतवाली इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि पिता के मकान पर कब्जे को लेकर कई बार उषा और सेवानिवृत्त दारोगा में विवाद भी हो चुका है। मामला एसडीएम के यहां विचाराधीन है। इसी खुन्नस में भाई उदयभान ने षड्यंत्र रचकर एक लोडर में करीब एक दर्जन लखनऊ निवासी महिलाओं को बुलाकर उसके और उसकी पुत्रियों के साथ मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। उसके गृहस्थी तहस-नहस कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद आनन-फानन में अरौल चौकी पुलिस सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को सीएचसी भेजकर आधा दर्जन से अधिक महिलाओं को हिरासत में लिया।
इंस्पेक्टर के मुताबिक दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर उषा देवी, माला, सेवानिवृत्त दरोगा उदयभान सिंह इनकी पत्नी संतोष कुमारी सहित रीता, मिथलेश, प्रेमलता कई अन्य लोगों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है। जबकि सेवानिवृत्त दारोगा मौके पर नहीं मिल सके हैं उनकी तलाश की जा रही है।