अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। सूने घर में पड़ोसी युवती की हत्या के मामले में अदालत ने अभियुक्त को उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष और जेल में रहना होगा। हत्याभियुक्त की उम्र लगभग 40 वर्ष है।
शहर के छाबी तालाब क्योटरा पहाड़ तले रहने वाले चुन्नू साहू पुत्र लल्लू साहू ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि 6 सितंबर 2010 को वह पत्नी रेनू और मां को घर में छोड़कर मजदूरी करने सूरत (गुजरात) चला गया था। 30 सितंबर 2010 को उसकी मां महामाया पेंशन के कागजात बनवाने पनगरा गांव गई थी। रात को पत्नी रेनू घर में अकेली थी। सूना मौका पाकर घर के बगल में रहने वाला बच्चा कहार पुत्र कल्लू कहार ने घर में घुसकर रेनू के मुंह में कपड़ा ठूसने के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी।
पड़ोसी युवक ने बच्चा को घटना के दिन आधीरात उसके घर से निकलकर भागते देखा था। सुबह पड़ोसियों ने फोन पर उसे रेनू की हत्या की सूचना दी। चार अक्तूबर को सूरत से आकर उसने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक दयाशंकर सिंह ने बच्चा कहार के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी युवती की गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई।
त्वरित न्यायाधीश (द्वितीय) अनिल कुमार (पंचम) की अदालत में सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता भूपत यादव ने सात गवाह पेश किए। मंगलवार को अभियुक्त को दोष सिद्ध पाते हुए न्यायाधीश ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी किया।
युवती की हत्या में पड़ोसी को उम्रकैद
सूने घर में मुंह में कपड़ा ठूंसकर की थी हत्या
साल साल बाद अदालत ने सुनाई सजा