अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। हाईस्कूल पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की जल्द पदोन्नति होगी। बिना लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के वे सुपरवाइजर बन सकेंगी। जिलों में सुपरवाइजरों के खाली 34 पद भरने के लिए शासन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से पखवारे भर में सूची मांगी है। परियोजना कार्यालयों के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से प्रपत्र भराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिले में नगर क्षेत्र समेत 9 बाल विकास परियोजना कार्यालय संचालित हैं। जिले भर में 64 सुपरवाइजरों के पद सृजित हैं। अलग-अलग परियोजनाओं में 34 पद रिक्त हैं। 30 सुपरवाइजरों से काम चलाना पड़ रहा है। इन पर 1705 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का जिम्मा है।
सुपरवाइजरों की भारी कमी से योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है। यही स्थिति सूबे की सभी परियोजना कार्यालयों में है। शासन ने सुपरवाइजरों के रिक्त पद भरने के लिए पढ़ी-लिखी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रमोशन का निर्णय लिया है। निदेशालय ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से हाईस्कूल उत्तीर्ण और 10 साल की सेवा पूरी कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सूची मांगी है।
20 फरवरी तक यह सूची शासन को भेजी जाएगी। प्रमोशन में कार्यकत्रियों को न लिखित परीक्षा और न ही साक्षात्कार से गुजरना होगा। हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर सीधे पदोन्नति की जाएगी। हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी वालों को तीन, द्वितीय श्रेणी में दो और तृतीय श्रेणी में एक अंक मिलेगा।
10 साल सेवा पूरी करने वालों को 10 और 25 साल वालों को 25 अंक मिलेंगे। फिलहाल हाईस्कूल उत्तीर्ण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की संख्या जनपद में 30 से 40 फीसदी है। सुपरवाइजरों की नई नियुक्ति में शैक्षिक योग्यता स्नातक है, लेकिन हाईस्कूल पास होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सुपरवाइजर बन सकेंगी।
हाईस्कूल पास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनेंगी सुपरवाइजर
बिना लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के पदोन्नति
शासन ने 20 फरवरी तक मांगी सूची, जिले में सुपरवाइजरों के 34 रिक्त