अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा। बदलते मौसम के बीच वायरल फीवर का कहर लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी में इस वजह से मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि इसमें त्वचा रोगियों की तादाद भी अच्छी खासी रही। इतनी ज्यादा संख्या में मरीजों के आने की वजह से अस्पताल प्रबंधन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
राजकीय मेडिकल कालेज के रजिस्ट्रेशन कक्ष में सोमवार को 1647 मरीजों का पंजीकरण किया गया। इनमें सबसे अधिक वायरल फीवर से प्रभावित मरीज थे। 670 मरीजों का परीक्षण व उपचार मेडिसिन कक्ष में डाक्टर मृदुल भूषण की टीम ने किया। स्किन वार्ड में 268 मरीजों का उपचार डॉ.कीर्ती शुक्ला व डॉ.रिजवान की टीम ने किया। सोमवार को सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लगने लगी। लंबी-लंबी लाइनें रजिस्ट्रेशन कक्ष के सामने लग गई। पहले पर्चा बनवाने को लेकर धक्कामुक्की शुरू हुई तो व्यवस्था सुरक्षा गार्डो ने संभाली।
करीब एक दर्जन सुरक्षा गार्डो को रजिस्ट्रेशन कक्ष के सामने लगाया गया। मेडिसिन व स्किन वार्ड में डाक्टरों को दिखाने के लिए काफी लंबी लाइने लगी। यहां भी धक्का-मुक्की व अफरा तफरी का माहौल रहा। भारी भीड़ को देख प्राचार्य डॉ.डीएस मारतोलिया ने ओपीडी पहुंचकर व्यवस्थाओं को संभाला। इस दौरान मेडिसिन विभाग में एक महिला मरीज अरुणा कुमारी निवासी तिर्वा की हालत बिगड़ गई। इस पर प्राचार्य ने खुद उसका चेकअप करके उसे वार्ड में भर्ती कराया। महिला मरीज ने प्राचार्य से शिकायत की कि मेडिसिन वार्ड में डाक्टरो ने उसका बीपी चेक नहीं किया। दोपहर दो बजे तक डाक्टरों के केबिन के सामने भीड़ लगी रही। बाद में दवा वितरण कक्ष में एक घंटे का समय बढ़ाकर लाइन में लगे सभी मरीजों को दवाइयों का वितरण कराया गया।
वायरल फीवर का बढ़ा कहर
- मेडिकल कॉलेज में सोमवार को 1647 मरीजों ने ओपीडी में कराया पंजीकरण
- उमस व बारिश से त्चचा रोगियों की संख्या भी बढ़ी