अमर उजाला ब्यूरो
तालग्राम। अतरौली गांव में डेंगू से युवक की हुई मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी। गांव में 19 मरीज मिलने के बाद भी रविवार को विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। इससे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। विभाग के प्रति महिलाओं का गुस्सा फूटा। उन्होंने जमकर हंगामा किया और नारेबाजीकरते हुए स्वास्थ्य विभाग से टीम भेजने की मांग की। एमओआईसी ने सोमवार को टीम भेजने की बात कही है।
डेंगू पीड़ित गांव निवासी अतुल (32) पुत्र प्रमोद कुमार की शनिवार सुबह फर्रुखाबाद के एक नर्सिंग होम से कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। एमओआईसी मोहम्मद इरशाद ने रविवार को टीम भेजकर गांव में कैंप लगवाने की बात कही थी। लोगों को उम्मीद थी कि रविवार को मरीजों को इलाज मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम के न पहुंचने से ग्रामीण खासतौर से महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान के आश्वासन पर लोग शांत हुए। एमओआईसी ने बताया कि डाक्टरों की कमी के कारण टीम को नहीं भेजा जा सका। सोमवार को टीम भेजकर कैंप लगवाया जाएगा।
ये हैं बीमार
अंश (3), मिलन (9) पुत्रगण रामबरन, रामवीर (38), खुशबू (20) पुत्री तिलक सिंह, मिथुन (25), प्रताप सिंह (44), गोवर्धन लाल (70), मिथुन दयाल (40), राजकुमार (30), सुनील (20), अमन (12) पुत्र राजेश, रीवा (6) पुत्र साकेत, शकुंतला (38) बीमार हैं।
मझैया में कैंप लगाकर बांटी गईं दवाएं
तालग्राम। मझैया गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगा दवा का वितरण किया। डा. अमित वर्मा, फार्मासिस्ट शिवेंद्र, वार्ड ब्वाय रामतीर्थ, एएनएम रेवा कुमारी के साथ ही सीएमओ की टीम में डा. डीसी आर्या, डा. बृजेश शुक्ला, प्रदीप गांव पहुंचे। दोनों टीमों ने कुल 70 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं दीं। गांव में दवा का छिड़काव भी कराया गया।
अतरौली नहीं पहुंची टीम, महिलाओं का हंगामा
-शनिवार सुबह युवक की डेंगू से हुई थी मौत, 19 थे बुखार पीड़ित
-ग्राम प्रधान के आश्वासन पर महिलाएं हुईं शांत, आज आएगी टीम