शुक्लागंज। गंगा बैराज से बुधवार रात पानी छोड़ा गया, जिससे घाटों को छोड़ चुकी गंगा में तेजी से पानी बढ़ गया।
एकदम पानी छोड़े जाने के कारण गंगा की रेती में खेती करने वाले किसानों के चेहरे मुरझा गए, क्योंकि कई बीघा तरबूज की फसल पानी में डूब गई। जिससे कटरी क्षेत्र में रहने वाले किसानों में हड़कंप मचा है। 16 घंटे में तकरीबन 1.180 मीटर पानी बढ़ा है।
मालूम हो कि बुधवार की रात करीब आठ बजे गंगा का जलस्तर 107.620 मीटर था, जो अगले दिन गुरुवार दोपहर 12 बजे बढ़कर 109.00 मीटर हो गया। केंद्रीय जल आयोग गंगाघाट ने बताया कि बैराज खंड कानपुर इकाई की ओर से रात से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
जिससे गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं तेजी से बढ़े पानी के कारण गंगाघाट छोर की ओर के घाटों के निकट पानी पहुंच गया है। बैराज के बीच के गेट नहीं खोले गए, किनारों के गेट को खोला गया। जिससे गंगा का जलस्तर बढ़ा है। बीच के गेट न खुलने से किनारों पर पानी नजर आ रहा है।
वहीं रविदास नगर कटरी में कई जगह पर थोड़ी थोड़ी दूर पर कटान भी हुई। अचानक जलस्तर बढ़ने से गंगा कटरी किनारे रहने वालों में हड़कंप मचा है। जानकारी के अनुसार कटरी में रहने वाले कई किसानों की तरबूज की फसल जलमग्न हो गई, जबकि कई किसानों के दुधारू जानवर बीच रेती में फंस गए हैं।
जिन्हें निकालने का प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों की मानी जाएं तो करीब पांच बीघा फसल टुकड़ों में बोई गई थी जो अब बेकार हो गई है।
-कई बीघा तरबूज की फसल डूबी, दुधारू जानवर फंसे
-16 घटें में 1.180 मीटर जलस्तर बढ़ा, बैराज से छोड़ा गया पानी