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पेयजल संकट से जूझ रही 20 हजार आबादी

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कानपुर देहात/राजपुर। शासन से धन मिलने के छह माह बाद भी राजपुर के आधे कस्बे व तीन अन्य गांवों में पेयजल संकट बरकरार है। बीते वर्ष दिसंबर में 3.69 करोड़ रुपये बजट मिल चुका है। छह माह के बाद भी पानी की टंकी का निर्माण नहीं हो सका। ऐसे में 20 हजार लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
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ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत वर्ष 1980 में राजपुर कस्बे में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। 1995 में नलकूप क्षतिग्रस्त होने के बाद पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने लगी। 20 हजार की आबादी वाले कस्बे में पेयजल आपूर्ति के लिए 2018 में इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने शासन में पैरवी कर पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत धन स्वीकृत को प्रस्ताव भेजा।
इस पर पिछले साल दिसंबर में शासन ने समस्या को देखते टंकी व भूमिगत पाइप लाइन के अलावा दो नलकूप बोरिंग के लिए 3.69 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर जारी कर दिया। योजना के तहत राजपुर कस्बा व पास के गांव जैनपुर, पैलावर सहित बदनपुर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। दो जगहों पर पंप हाउस की बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है।
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वहीं 22 के सापेक्ष 18 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं थाने के सामने पंप हाउस निर्माणाधीन है। पंप संख्या दो के पास 500 केएल की क्षमता के लिए पानी की टंकी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। नींव के अलावा आठ फीट की ऊंचाई तक पिलर बनाए जा चुके हैं। करीब एक माह से निर्माण बंद चल रहा है।
हाईटेंशन लाइन बनी टंकी निर्माण में रोड़ा
ब्लॉक कार्यालय के सामने पंप संख्या दो परिसर में पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। 10 फिट की ऊंचाई पर हाईटेंशन की लाइन निकली है। यह लाइन शिफ्ट की जानी है। धनराशि मिलने के बाद भी बिजली विभाग लाइन शिफ्ट नहीं करा रहा है। इससे निर्माण कार्य एक माह से रोक दिया गया है। इससे लोगों की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। लोगों ने जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
समस्या दूर करने पर ध्यान नहीं दे रहे अधिकारी
कस्बे के मारूफ खान ने बताया कि 25 सालों से पाइप लाइन जर्जर है। ऐसे में कस्बे में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। चांद खा ने बताया जिन मोहल्लों में पानी आता भी है। वहां भी टोटियां पानी कम दे रही हैं। एक दो बाल्टी पानी बमुश्किल मिल पाता है। धन मिलने के बाद भी विभागीय अधिकारी जल्द समस्या दूर कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नौशे अली ने बताया कि कस्बे में सालों से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। नगर पंचायत बनने से संकट से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पांच सौ मीटर दूर ब्लॉक कार्यालय में लगे हैंडपंप से पानी भरने जाना पड़ता है। इस दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए बिजली विभाग को जानकारी दी जा चुकी है। लाइन न हटने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। - विजय यादव, जेई जल निगम
लाइन हटाए जाने के लिए जून में बजट मिला है। विद्युत पोल मंगा लिए गए हैं। जल्द लाइन हटाए जाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। - अमितेश, एसडीओ विद्युत
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