बिना सूचना पोस्टपेड कनेक्शन बंद करने पर उपभोक्ता फोरम ने वोडाफोन कंपनी को 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये परिवाद व्यय देने का आदेश दिया है। दस साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद उपभोक्ता के हक में फैसला आया।
कानपुर के पांडुनगर निवासी अधिवक्ता संदीप जायसवाल ने वोडाफोन कंपनी से एक मई 2004 को 650 रुपये जमा कर पोस्टपेड कनेक्शन लिया था। जुलाई 2008 में कंपनी ने कई सुविधाओं के साथ एक अतिरिक्त कनेक्शन दिया।
दो सितंबर 2008 को संदीप ने बकाया 150 रुपये जमा कर अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर दिया। कुछ दिन बाद कंपनी की प्रतिनिधि ने मूल कनेक्शन पर फोन कर 400 रुपये बकाया होने की बात कही।
संदीप ने डिटेल मांगी तो उच्चाधिकारियों से बात करने का बहाना कर दिया। 15 नवंबर 2008 को कंपनी ने बिना सूचना दिए संदीप का मूल कनेक्शन भी बंद कर दिया। संदीप ने कंपनी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
तब संदीप ने तीन मार्च-2009 को कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दर्ज कराया। अचानक फोन बंद होने से हुई व्यावसायिक, आर्थिक और मानसिक क्षति के लिए संदीप ने मुआवजे की मांग की थी।
कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने बकाया बिल जमा न करने पर कनेक्शन काटने की बात कही, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किया। इस पर उपभोक्ता फोरम ने अधिवक्ता के हक में फैसला सुनाया।