महानगर कानपुर के घंटाघर चौराहे पर 22 साल पहले हुए बम विस्फोट कांड में एक अभियुक्त को एडीजे-9 चंद्रप्रकाश तिवारी ने विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दूसरे अभियुक्त को पर्याप्त सबूत न होने पर रिहा कर दिया है। विस्फोट के पीछे आतंकी कनेक्शन सामने आया था।
घंटाघर चौराहे पर 20 जून 1997 की रात लगभग सवा आठ बजे भीषण विस्फोट हुआ था। इसमें विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले व्यक्ति के साथ पांच राहगीर भी घायल हुए थे। ड्यूटी पर तैनात सिपाही त्रिपुरारी पांडे ने जोखनपुर बरेली निवासी अब्दुल खालिक के खिलाफ हरबंश मोहाल थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। कहा था कि एक व्यक्ति साइकिल लेकर स्टेशन की तरफ से आया और सेंट्रल धर्मशाला के सामने सरदार होटल के पास एक अन्य साइकिल सवार से भिड़कर गिर गया।