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नहीं खुले गो संरक्षण केंद्र, दौड़ा रहे कागजी घोड़े

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उन्नाव। छुट्टा मवेशियों की समस्या से निजात दिलाने के लिए सीएम के निर्देश पर 15 जनवरी तक पालतू पशुओं की टैगिंग और आश्रय स्थलों का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन आठ दिन बाद भी पशु आश्रय स्थल नहीं बन पाए हैं। नगर पालिका और नगर पंचायतों में पशुओं को कांजी हाउस पहुंचाने का अभियान भी शुरू नहीं हो पाया है। हालत यह है कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा मवेशियों का आतंक बरकरार है। सीवीओ डा. पीके सिंह ने बताया कि पशु आश्रय स्थलों का निर्माण चल रहा है। वहीं नगर पालिका के ईओ को आवारा पशुओं को कांजी हाउस पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बताया कि कार्रवाई चल रही है।
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जिले में स्थायी और अस्थायी कुल 16 पशु आश्रय स्थलों के निर्माण को मंजूरी मिली थी, लेकिन अभी तक स्थाई का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है और ग्रामीण क्षेत्रों में चरागाह की जमीन पर बनाई जा रही अस्थाई पशु आश्रय स्थलों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।


चकलवंशी प्रतिनिधि के अनुसार सदर तहसील के थाना गांव में 26 दिसंबर विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने जिले की पहली गौशाला का शिलान्यास किया था लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यही हाल पशु आश्रय स्थलों का है। आवारा मवेशियों के खिलाफ अभियान ठंडे बस्ते में है।
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पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार पासाखेडा पशु चिकित्साल परिसर और मिर्जापुर, हिलौली ब्लाक के करदहा में सूखे तालाब परिसर में किसानों ने सैकड़ों छुट्टा मवेशियों को बंद कर रखा है। ग्राम प्रधान और ग्रामीण फसलों को बचाने के लिए इन मवेशियों को चारा पानी का इंतजाम भी कर रहे हैं लेकिन छाया न होने से मवेशी बीमार हो रहे हैं। एसडीएम ने ग्राम प्रधानों से कहा है कि पशु आश्रय स्थलों का निर्माण होने तक पशुओं को छाया आदि की व्यवस्था जन सहयोग से सुनिश्चित करें।

बाड़ में उतरा करंट दो मवेशी मरे
नवाबगंज। सोहरामऊ थानाक्षेत्र के गांव सहरावां के मजरे दरियारखेड़ा में एक फार्म हाउस में बांधे गए तार में उतरे विद्युत करंट की चपेट में आकर दो मवेशियों की मौत हो गई। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस पहुंची और फार्म मालिक को पकड़कर थाने ले आई। सोहरामऊ एसओ शिवकुमार ने जानकारी से इंकार किया है।
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- आठ दिन बाद भी नहीं पकड़े गए छुट्टा मवेशी
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