अमर उजाला ब्यूरो
असोहा (उन्नाव)। इंदिरा आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से जमकर वसूली की गई। ग्रामीणों की शिकायत पर एक गांव में जांच के दौरान इसका खुलासा होने पर प्रशासन ने जिलेभर में पंचायत सचिवों को गांव जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। अवैध वसूली की शिकायत सही मिलने पर प्रधानपुत्र और तत्कालीन सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच करने पहुंचे परियोजना निदेशक के सामने भी पूर्व प्रधान समर्थकों ने हंगामा करने की कोशिश भी की।
सरवन गांव के कुछ ग्रामीणों ने ग्राम्य विकास मंत्री महेंद्र सिंह को शिकायतीपत्र भेजकर वर्ष 2014-15 में आवंटित आधा सैकड़ा इंदिरा आवासों का लाभ दिलाने के नाम पर 20-20 हजार रुपये की वसूली करने का आरोप तत्कालीन प्रधान रामश्री के पुत्र बंसराज बंसल और सचिव पर लगाया था। मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसी आधार पर परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिल कुमार पांडेय गुरुवार को शिकायत की जांच करने गांव पहुंचे। उनके साथ बीडीओ एके सक्सेना और वर्तमान ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जगन्नाथ मिश्रा भी थे। पीडी ने चौपाल लगा जांच शुरू ही की थी कि पूर्व प्रधान समर्थक चौपाल का माहौल बिगाड़ने के लिए शोरशराबा करने लगे। मामला बढ़ता देख पीडी ने आवासों की स्थलीय जांच करनी शुरू कर दी।
इस दौरान रानीदेवी, आकाश चौधरी, सावित्री, फू लदुलारी, मुन्नीलाल, संतोष, साबिराबानो व अभिलाष सहित 16 इंदिरा आवास के लाभार्थियों ने तत्कालीन प्रधानपुत्र बंसराज बंसल पर आवास की किस्त निकालने पर 20-20 हजार रुपये जबरन लेने की लिखित शिकायत की। इस पर पीडी ने तत्काल प्रधान पुत्र और तत्कालीन सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। आदेश मिलते ही वर्तमान ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जगन्नाथ मिश्रा ने असोहा थाने में दोनों के खिलाफ तहरीर दी। एसओ महेशचंद्र ने बताया कि वीडीओ जगन्नाथ मिश्रा की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
मामले की जानकारी होने पर क्षेत्रीय विधायक अनिल सिंह थाने पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताया। कहा कि पूर्व सरकार में यहां सरकारी धन का जमकर बंदरबांट हुआ है। अभी तो एक ही ग्राम पंचायत की पोल खुली है। यही हाल अधिकांश ग्राम पंचायतों का है। कमीशनखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बीडीओ एके सक्सेना ने बताया कि आवासों में लगातार मिल रही शिकायतों की जांच कराई जा रही है। नये आवंटित आवासों पर भी जांच न होने तक रोक लगा दी गई है। समस्त वीडीओ को गांवों में जाकर निष्पक्षता से जांच कर अपात्रों को बाहर करने की हिदायत दी।
सरवन गांव में वर्ष 2014-15 में आवास आवंटन के समय कई सचिवों ने काम देखा था। एक किशोर सिंह थे तो दूसरे पवन कुमार मौर्या। इसके अलावा एक अन्य सचिव का भी नाम आ रहा है। इसलिए एफआईआर में तत्कालीन सचिव की बात कही गई है। जांच के बाद जिनका नाम सामने आएगा उन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। आवासों के नाम पर जो भी पैसा ले रहा है। ग्रामीण उसकी शिकायत करें। शिकायत की जांच कराकर वसूली करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। अनिल कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक डीआरडीए उन्नाव।
बेघरों से भी उगाही, दो पर रिपोर्ट
इंदिरा आवास में पैसे लेने पर प्रधान पुत्र व सचिव पर पीडी के आदेश पर कार्रवाई थाने पहुंचे विधायक, पीडी ने जिलेभर में सचिवों को भौतिक सत्यापन के दिए निर्देश