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खेत से कलक्ट्रेट तक पहुंचे छुट्टा मवेशी

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कानपुर देहात। छुट्टा मवेशी अब खेतों से सड़क व कलक्ट्रेट तक पहुंच गए हैं। हालांकि गत दिवस वीडियो कांफ्रें सिंग में मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश के बाद जागा प्रशासन हरकत में जरूर आया है।
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छुट्टा पशुओं से अपनी तैयार फसलों को बचाने के लिए किसानों का चैन छिन रहा है। वहीं कई बार उत्तेजित छुट्टा जानवर किसानों को शारीरिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। जनपद में अब तक छुट्टा मवेशियों की चपेट में आकर एक दर्जन लोग अपनी जान गवां चुके हैं, लेकिन अब तक इनका स्थायी हल नहीं मिल सका है। हालांकि जनपद में 16 गोशालाएं जरूर हैं, लेकिन इनमें से छह ही चालू हैं। वहीं जो चल भी रही हैं उनकी स्थिति भी अच्छी न होने से वह किसानों को छुट्टा मवेशियों से निजात नहीं दिला पा रही हैं। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त प्रयास न होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। इतना ही नहीं स्थिति तो यह है कि अब ये कलक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए हैं। कलक्ट्रेट परिसर में मवेशी आपस में हुड़दंग कर लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हालांकि गत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश के बाद जिला प्रशासन जरूर हरकत में आया है। जिसके बाद भूमि चयन के साथ ही अन्य प्रबंध किए जा रहे हैं।
जनपद वासियों को छुट्टा मवेशियों से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अब तक भूमि के सीमांकन का कार्य ही किया जा सका है। ऐसे में निश्चित समय सीमा में आश्रय स्थल खोलना एक चुनौती भरा कदम है। जनपद में रसूलाबाद तहसील के गंभीरा, असालतगंज, मैथा में ककरदही, कडऱी, रैपालपुर के साथ ही अकबरपुर में करसा व बिलसरायां में जगह चिह्नित कर ली गई है। वहीं, जानवरों के चारे के लिए चरही, शेड व तिरपाल की व्यवस्था भी जुटाई जा रही है। इस संबंध में पंकज वर्मा एडीएम प्रशासन ने बताया कि छुट्टा मवेशियों से किसानों को राहत देने के लिए एक सप्ताह में स्थायी हल निकाल लिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रबंध कर लिए गए हैं।
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