अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। निदेशक बेसिक शिक्षा ने 31 अक्तूबर तक हर हाल में स्वेटर वितरण लक्ष्य पूरा करने का आदेश दिया है। जबकि बजट का अभी तक अता पता नहीं है। अधिकारियों के निर्देश से शिक्षकों में ऊहापोह के हालात बने हैं।
जिले के 2305 प्राथमिक विद्यालय व 839 जूनियर विद्यालयों में करीब 2 लाख 54 हजार छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने 18 सितंबर को निदेशक बेसिक शिक्षा को पत्र जारी कर 15 से 31 अक्तूबर के बीच स्वेटर की खरीदारी के अलावा वितरण के आदेश दिए हैं। निदेशक बेसिक शिक्षा डा. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीएसए को पत्र जारी किया है।
पत्र के मुताबिक 31 अक्तूबर के पहले स्वेटर वितरण सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है। छात्र छात्राओं के लिए स्वेटर खरीदारी की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति को दी गई है। हकीकत यह है कि जिले के कई स्कूलों में प्रबंध समिति का गठन ही नहीं हो सका है। सोमवार को निदेशक बेसिक शिक्षा कार्यालय से बीएसए को ई-मेल भेजकर प्राथमिक व जूनियर स्कूलों की छात्र संख्या मांगी गई है। साथ ही स्वेटर वितरण संबंधी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
क्या बोले बीएसए
15 से 31 अक्तूबर के बीच स्वेटर वितरण का आदेश मिला है। जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अभी तक बजट नहीं मिला है। बजट कितना और कब तक भेजा जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
बीके शर्मा, बीएसए
जनपदीय समिति में यह अधिकारी होंगे शामिल
जिलाधिकारी अध्यक्ष, सीडीओ, सीनियर एसडीएम, जीएम उद्योग विभाग, मुख्य कोषाधिकारी सदस्य वहीं बीएसए को सचिव नामित किया गया है। बीएसए स्वेटर वितरण की सत्यापन रिपोर्ट डीएम को देंगे। स्वेटर का वितरण डीएम की मानीटरिंग में किया जाएगा।
एसएमसी खाते में भेजी जाएगी स्वेटर की धनराशि
बच्चों के स्वेटर की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए प्रदेश सरकार ने विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका अहम की है। विशेष सचिव ने छात्र संख्या के आधार पर स्वेटर खरीदारी की धनराशि एसएमसी खाते में भेजे जाने के निर्देश सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को दिए हैं। एसएमसी समिति खाते से पैसे का लेनदेन करने के साथ ही स्वेटर की गुणवत्ता भी परखेगी। एसएमसी की क्लीन चिट पर ही स्वेटर का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।
प्रतिदिन पोर्टल पर अपडेट होगी वितरण रिपोर्ट
सरकार ने स्वेटर वितरण की प्रतिदिन की रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं। स्वेटर गुणवत्ता में गड़बड़ी उजागर होने पर हेडमास्टर के साथ ही बीईओ की भी जवाबदेही होगी।