अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। किशोरी से गैंगरेप करने और उसे सड़क किनारे फेंकने के मामले में बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश हितेंद्र हरि ने तीन आरोपियों को 20-20 साल कारावास और 45-45 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। वहीं एक अन्य आरोपी पर अभी कोर्ट में ट्रायल जारी है।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि पांच जुलाई 2016 को छिबरामऊ क्षेत्र की रहने वाली किशोरी बच्चों को पढ़ाने के लिए निकली थी। रास्ते में विकास तिवारी, राघवेंद्र शर्मा, ऋषि कुमार दीक्षित व रविपाल नामक युवकों ने उसे दबोच लिया। गैंगरेप कर उसे छिबरामऊ के पश्चिमी बाईपास पर बेहोशी की हालत में फेंक कर भाग गए। एक व्यक्ति ने किशोरी को पहचाना और उसके परिजनों को जानकारी दी। मौके पर पहुंची किशोरी की मां उसे अर्द्धबेहोशी की हालत में घर ले गई। घटना के दूसरे दिन किशोरी ने मां को पूरी घटना बताई। शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, किशोरी ने छिबरामऊ थाने में लिखाई गई रिपोर्ट में बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे उसका पड़ोसी विकास तिवारी उसे मां द्वारा लंच देने की बात कह कर स्कूल गेट के बाहर बुलाया। वह गेट के बाहर लंच लेने आई तो विकास के साथ इनोवा गाड़ी लिए उसके तीन दोस्त राघवेंद्र शर्मा, ऋषि कुमार दीक्षित व रविपाल भी खड़े थे। सभी ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया और नशीला पदार्थ पिलाकर कस्बे से कहीं दूर अज्ञात आवास पर ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की रिपोर्ट लिखने के बाद किशोरी के मजिस्ट्रेट के सामने कलमबंद बयान हुए और उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। जहां उसके साथ हुए दुष्कर्म की पुष्टि हुई। विवेचना तत्कालीन एसएचओ संतोष कुमार व्यास को सौंपी गई। कोर्ट ने दोनो पक्षों की दलीलें सुनने के बाद व साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दुष्कर्म करने का दोषी पाया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 20-20 वर्ष की सजा व 45-45 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया।
एक आरोपी पर चल रहा ट्रायल
कन्नौज। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने एक अन्य आरोपी रविपाल को जांच से बाहर कर दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उसे तलब किया है। अधिवक्ता के अनुसार साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर रविपाल पर अभी कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।
मां ने कहा दीवाली से पहले जलाएगी घी के दिए
कन्नौज। बेटी के साथ जिन हैवानों ने दरिदंगी की कोर्ट ने उन्हें उनके कुकर्मों की सजा दे दी है। कोर्ट को धन्यवाद देते हुए कहा कि दीवाली पर वह भगवान के समक्ष घी के दिए जलाएंगी। पीड़िता की मां ने शासकीय अधिवक्ता का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मजबूती के साथ कोर्ट में उनका पक्ष रखा। इससे उन्हें जल्दी न्याय मिल सका।
किशोरी से गैंगरेप में तीन को 20-20 साल की कैद
- फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने सुनाया फैसला
- पांच जुलाई 2016 को हुई थी घटना