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महज हजार रुपयों के लिए बच्चे को अस्पताल से निकाला, मौत

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फर्रुखाबाद। धरती के भगवान संवेदनहीन हो गए हैं। शुक्रवार को छह माह के एक बच्चे की मौत इसका ताजा प्रमाण है, जिसे निजी अस्पताल ने रुपये न मिलने पर बाहर कर दिया था। परिवारीजन बच्चे का शव लेकर डीएम मोनिका रानी के पास पहुंचे। डीएम ने कोतवाल व डिप्टी सीएमओ को निजी अस्पताल भेजकर जांच कराई। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया डॉक्टर की लापरवाही सामने आई है। डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। डॉक्टर का कहना है कि उनके अस्पताल में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली के खिमशेपुर गांव में नन्हे जाटव के छह महीने के बच्चे प्रवेश की तीन दिन से तबीयत खराब थी। शुक्रवार को वह बच्चे को आवास विकास कालोनी स्थित डॉ. सीएन भल्ला के अस्पताल ले गया। पत्नी सविता भी साथ थी। डॉक्टर ने इलाज शुरू कर जांच के लिए पैसे जमा कराने को कहा। नन्हे


ने कुछ पैसे जमा कर दिए और बाकी लाने के लिए घर चला गया। उसके लौटने में देर हुई तो अस्पताल स्टाफ ने बच्चे व उसकी मां को अस्पताल से भगा दिया।
अस्पताल के बाहर महिला को रोते देख लोगों की भीड़ लग गई। इन्हीं लोगों में किसी ने मां-बेटे को लोहिया अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन कक्ष में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश तिवारी ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे का शव ले
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सविता फिर सीएन भल्ला के अस्पताल में पहुंची। तब तक नन्हे भी आ गया। दोनों के करुण क्रंदन से वहां मौजूद लोगों की आंखें भी झरने लगीं। आखिर दोनों बच्चे का शव लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे। डॉ. सीएन भल्ला का कहना है कि उनके अस्पताल में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती गई। बच्चे का इलाज करने के बाद उसे बैठने को कहा गया था। महिला बगैर बताए चली गई। वह किसी भी मरीज के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करते।
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रुपये न मिलने पर अस्पताल से निकाला, बच्चे की मौत
दो हजार रुपये जमा कर और पैसे लेने घर गया था पिता, शिकायत पर डीएम ने कराई जांच, डॉक्टर पर रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
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