अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। कलक्ट्रेट परिसर स्थित खेल मैदान में शुक्रवार को किसान कर्जमाफी प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टेंट से टपकते पानी के बीच किसानों ने भाजपा नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियाें से प्रमाणपत्र लिए। कलक्ट्रेट परिसर स्थित खेल मैदान में शुक्रवार को सदर तहसील के 2030 किसानों को बुलाया गया था। बारिश से खलल पड़ने पर डीएम ने शेष करीब चार सौ किसानों को कलक्ट्रेट सभागार बुलाकर प्रमाणपत्र सौंपे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, एडीएम डीपी सिंह, सदर एसडीएम डा. अरुण कुमार सिंह, कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह, एलडीएम परमाल सिंह समेत अन्य अधिकारियाें ने किसानाें को मंच पर बुलाकर उन्हें कर्जमाफी के प्रमाणपत्र दिए। डीएम जगदीश प्रसाद की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बारिश ने खलल तो डाला लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा। बारिश जब शुरू हुई तो करीब 400 किसान ही प्रमाणपत्र लेने को शेष बचे थे। इन्हें डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार बुलाकर प्रमाण पत्र सौंप दिए। मुख्य अतिथि ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने प्रदेश में एक सर्वे कराया था। उसमें यह बात निकल कर आई कि प्रदेश का किसान सबसे अधिक परेशान है। उसी दिन भाजपा ने संकल्प लिया कि सत्ता में आते ही लघु व सीमांत किसानों का सबसे पहले कर्ज माफ किया जाएगा। सुब्रत ने कहा कि केंद्र की मदद के बिना योगी सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कहा कि हमें अपने जनपद को दिसंबर 2017 तक ओडीएफ बनाना है। जिन ग्रामीणों के अभी तक शौचालय नहीं बन पाए है, वे अपने प्रधान व सचिव से मिलकर नाम दर्ज कराए। यदि प्रधान आपकी नहीं सुन रहा है तो विकास भवन आकर अपना नाम सीडीओ को दर्ज कराए। उसके बाद भी लाभ न मिले तो मुझसे आकर मिलें। एक-एक ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन योजना का लाभ मिलेगा। इस दौरान वीर सिंह भदौरिया, सचिन शर्मा, विनय शुक्ला, दीपू ठाकुर, अंकित दुबे, रवि शुक्ला, प्रभात वाजपेई समेत कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बरसात होते ही मची भगदड़
कन्नौज। ऋणमोचन प्रमाण पत्र कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुब्रत पाठक के भाषण के दौरान ही तेज बारिश होने लगी। उन्होने आनन-फानन में अपना भाषण समाप्त किया। पानी से बचने को किसानों में भगदड़ मच गई। डीएम जगदीश प्रसाद ने माइक संभाला और कहा कि जिन किसानाें को प्रमाणपत्र यहां न मिले हों, वे कलक्ट्रेट सभागार पहुंचें। सभी को वहीं प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।
सुबह से किसानाें को आल्हा के जरिए बांधा
कन्नौज। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा नेताआें व प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से दोपहर एक बजे की गई। लेकिन किसानाें को न्यौता सुबह 10 बजे का ही दे दिया गया था। 11 बजते ही पंडाल किसानों से खचाखच भर गया। किसानों को बांधे रखने के लिए प्रशासन की ओर से आल्हा गायकाें व नाटक मंडली को बुलाया गया था। तीन घंटे तक आल्हा गायक व लघु नाटक प्रस्तुति देने वाले किसानों का मनोरंजन करते रहे।
केंद्र की योजनाएं गिनाईं, राज्य की भूल गए
कन्नौज। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक व भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने मंच से केंद्र की योजनाआें का तो बखान किया लेकिन राज्य सरकारी की योजनाओं को गिनाना भूल गए। कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सुब्रत पाठक ने कहा कि केंद्र में 10 साल कांग्रेस की सरकार रहने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है। इसमें तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी भी मंत्री पर कोई भ्रष्टाचार को आरोप नहीं है। केंद्र की सरकार ने आपके लिए फसल बीमा योजना, किसान बीमा योजना, मुद्रा योजना, स्टार्ट अप, उज्जवला योजना व स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय पहुंचाने का काम किया। इस दौरान उन्होने सर्जिकल स्ट्राइक, नेाटबंदी व जीएसटी को केंद्र की अपार सफलता बताया। नरेंद्र राजपूत ने कहा कि मोदी सरकार ने खाद के लिए लाठी खाने वाले किसानाें को लाभ पहुंचाने के लिए गोरखपुर में खाद का कारखाना चालू कराया।
छोटे कर्ज माफी वालों को नहीं मिला न्योता
कन्नौज। जनपद के प्रभारी मंत्री संदीप सिंह की मौजूदगी में शहर के बोर्डिंग मैदान और तिर्वा तहसील में में कर्जमाफी कार्यक्रमों के बाद छोटे कर्जधारक किसानों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। उक्त कार्यक्रमों में समाचार पत्रों में उन किसानों की खबरें छपीं जिनका पांच हजार, दो हजार या इससे भी कम ऋण माफ हुआ। इस बार कलक्ट्रेट परिसर में हुए ऐसे किसानाें को आने का न्योता ही नहीं दिया गया।
सूत्रों के अनुसार ऐसे किसान जिनका 20 हजार से कम का कर्ज माफ हुआ हो उनको प्रवेश पास नहीं पहुंचाए गए। यही कारण रहा कि कार्यक्रम में सिर्फ एक किसान गांव यासीनपुर निवासी लालाराम पुत्र गंगाराम मिले जिनका 17,283 रुपये कर्ज माफ हुआ। जलालाबाद के किशनचंद्र का 53,337 रुपये, दयाशंकर का 98 हजार रुपये, मेघपुर के जदुनाथ का 54 हजार, हंसलाल का एक लाख रुपये कर्जमाफी के ऐसे किसान बहुतायत थे। कार्यक्रम समापन के दौरान कृषि उपनिदेशक राजेश सिंह ने कहा कि जिन किसानों को प्रवेश पास नहीं मिले व जो यहां नहीं आ सके, उनके घर पर प्रमाणपत्र पहुंचाए जाएंगे। माना जा रहा है कि वही किसान कार्यक्रम में नहीं पहुंचे जिनका कम पैसों का कर्ज माफ हुआ है।
2030 किसानों को मिले कर्जमाफी प्रमाणपत्र
-कलक्ट्रेट परिसर स्थित खेल मैदान में हुआ समारोह, बारिश से मची अफरातफरी
-डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार में बंटवाए प्रमाणपत्र, पास न मिलने से कई किसान नहीं पहुंच सके