कानपुर देहात। मंडल के छह जिलों में 1633 दंपती सम्मान निधि की किस्त ले रहे थे। फैमिली आईडी डेटाबेस के जरिये नियम तोड़कर किस्तें ले रहे दंपतियों का ब्योरा सामने आया है। जानकारी के बाद कृषि निदेशालय ने संबंधित जिले को ब्योरा भेजा है। अब दंपती में से किसी एक को किस्त का लाभ छोड़ना होगा तभी दूसरे को आगे की किस्तें मिल सकेंगी। वहीं, अब तक जो किस्तें ली जा चुकी हैं किसी एक से उनकी वसूली की जाएगी।
किसान सम्मान निधि का लाभ परिवार में केवल एक सदस्य को मिलता है। इधर नियम तोड़कर किसान सम्मान निधि लेने के तमाम प्रकरण हैं। बीते साल मई में ई-केवाईसी व राशन कार्ड के ब्योरा से मिलान पर संदिग्ध 7834 दंपतियों का डेटा मिला था। सत्यापन में करीब पांच हजार से अधिक दंपती के सम्मान निधि लेने की पुष्टि हुई थी। इस पर कई सदस्यों ने नियम विरुद्ध ली गई सम्मान निधि लौटा दी थी। इधर अब फैमिली आईडी से नियम तोड़कर मंडल में 1633 दंपतियों के सम्मान निधि लेने का खुलासा हुआ है। इसमें कानपुर देहात में 331 दंपती शामिल हैं। अब इनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। तय फार्मेट पर इन दंपती में किसी एक सदस्य को सम्मान निधि छोड़ने का घोषणापत्र देना होगा। इसके बाद परिवार में पति या पत्नी एक सदस्य को ही सम्मान निधि मिलेगी।
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बयान.....
निदेशालय स्तर से नियम तोड़कर किसान सम्मान निधि ले रहे दंपतियों का ब्योरा भेजा गया है। फैमिली आईडी एक होने से यह मामले सामने आए हैं। नियमानुसार परिवार में केवल एक सदस्य ही सम्मान निधि मिल सकती है। अब सत्यापन के आधार पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। - हरीशंकर भार्गव, उप निदेशक कृषि
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मंडल के जिलों की स्थिति पर एक नजर
जिले - फैमिली आईडी से सामने आए दंपती
कानपुर नगर - 152
औरैया - 217
इटावा - 323
फर्रुखाबाद - 218
कन्नौज - 392
कानपुर देहात- 331
कुल - 1633
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सत्यापन की चूक से सामने आ रही खामियां
वर्ष 2019 में किसान सम्मान निधि की शुरुआत की गई। तब जिन किसानों के पास कृषि भूमि थी उन्हें लाभ दिया गया। प्रति चार माह में दो हजार रुपये की किस्त दी जाती है। शुरुआत में पति या पत्नी संबंधी सत्यापन नहीं किया गया। इसका फायदा आवेदकों ने उठाया। बीते साल ई-केवाईसी और अब फैमिली आईडी से नियम तोड़कर दंपतियों के सम्मान निधि लेने के मामले सामने आ रहे हैं।
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केस एक :
फैमिली आईडी डेटा बेस से सत्यापन में रसूलाबाद नगर पंचायत के निराला नगर निवासी मोहन लाल और उनकी पत्नी रीना देवी की फैमिली आईडी एक मिली। इस पर अब दंपती को सत्यापन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। दोनों में किसी एक को किसान सम्मान निधि का लाभ छोड़ना होगा।
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केस दो :
फैमिली डेटा बेस से पकड़ में आया कि मैथा के निवादा देवराय निवासी राधेश्याम व सुनीता की फैमिली आईडी एक है। निदेशालय से अब संदिग्ध डेटा के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। पति या फिर पत्नी में से किसी एक को सम्मान निधि छोड़नी होगी।