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अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

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जरूरतमंद वकीलों को हर माह आर्थिक मदद जैसी कई अन्य मांगों के समर्थन में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मंगलवार को किए गए देशव्यापी आंदोलन में अधिवक्ता शामिल रहे।
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जिला अधिवक्ता संघ की ओर से अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और नारे लगाए। बार काउंसिल ऑफ इंडिया आठ मांगों के लिए देश व्यापी आंदोलन कर रही है।

मांगों में न्यायालय परिसर या नजदीक में अधिवक्ता संघ भवन, ई-लाइब्रेरी, शौचालय, नए जरूरतमंद वकीलों को पांच वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रति माह, अधिवक्ता परिवार का जीवन बीमा, अधिवक्ता की असमायिक मृत्यु पर 50 लाख, बीमारी में बेहतर मुफ्त इलाज, अक्षम और वृद्ध वकीलों के परिवार को पेंशन, लोक अदालतों का जिम्मा, उचित मूल्य पर मकान के लिए भूखंड आदि मांगें शामिल हैं।

बार काउंसिल के आह्वान पर 11 फरवरी को अधिवक्ता संघ ने इन मांगों का ज्ञापन डीएम और डीजे के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा था।


दूसरे चरण में मंगलवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुबीर सिंह गौर और महासचिव जयकरन वर्मा सहित अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, सदस्य व अन्य अधिवक्ताओं ने संघ भवन से जुलूस निकाला।
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कलक्ट्रेट और जजी परिसर में भ्रमण कर मांगों के समर्थन में नारे लगाए। अध्यक्ष और महासचिव ने कहा कि अधिवक्ता कल्याण की आठ मांगों के समर्थन में यह आंदोलन किया जा रहा है।

प्रदर्शन में अध्यक्ष, महासचिव सहित वरिष्ठ उपाध्यक्ष शमशाद अहमद, सामान्य उपाध्यक्ष अशोक कुमार पाल व उमाशंकर पाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष जगदीश सिंह, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य विजय उपाध्याय, परवेज अजीज खां सहित रमेश प्रजापति, नीरज कुमार, सुरेश कैनियाल, जावेद अख्तर, जगदीश प्रसाद, रामप्रकाश शिवहरे, पवन कुमार कुशवाहा, सुनील गुप्ता आदि शामिल रहे।

बार काउंसिल के आह्वान पर मंगलवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। तहसील बार संघ अध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बार काउंसिल द्वारा की गई मांगों को दोहराते हुए अधिवक्ता कल्याण निधि राशि 10 लाख किए जाने की मांग की।
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महासचिव मनोज द्विवेदी ने भी मांगें दोहराई।
हड़ताली अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
बार काउंसिल के आह्वान पर किया आंदोलन


आठ सूत्री मांगों के लिए अधिवक्ता हुए एकजुट
नए वकीलों को 10 हजार मासिक मदद की मांग
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