कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुक्तापुर गांव से 28 मई से लापता लवकुश की दोस्तों ने रुपयों के लालच में पंजाब ले जाकर हत्या कर दी थी। रविवार को अकबरपुर पुलिस व स्वाट टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया। पुलिस ने मृत युवक का मोबाइल व फिरौती मांगने वाले मोबाइल को बरामद किया है। हत्यारोपी युवक की हत्या के बाद भी फिरौती मांगते रहे। वहीं, खुलासे के लिए एसपी ने पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया।
मुक्तापुर गांव निवासी नाहर सिंह का बेटा लवकुश (22) 28 मई को लापता हो गया था। मामले में उसके पिता ने कोतवाली में 5 जून को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद उसके पिता के मोबाइल नंबर पर 12 जून को 25 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। इसकी सूचना उसने पुलिस को दी तो पुलिस ने मामले मे अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी ने इसके खुलासे के लिए अकबरपुर पुलिस के साथ स्वाट टीम को लगाया। फिरौती मांगने वाले ने लवकुश के पिता से फोन पर कहा कि कीमती जमीन मुफ्त में मिली है, उसे बेंच कर रुपये दे दो। इस पर परिजनों का शक किसी करीबी पर जाने लगा। नाहर सिंह को अपनी ससुराल में 4 बीघा कीमती जमीन मिली थी। यह बात गांववाले जानते थे।
पुलिस के मुताबिक, गांव का विपिन से लवकुश की गहरी दोस्ती थी। विपिन उसे पंजाब घुमाने के बहाने अपने साथ 28 मई को ले गया। उसके साथ रूरा के बजरंग नगर निवासी शिवम यादव उर्फ शिवा, सवायजपुर नरवल कानपुर नगर के पंकज यादव और अहिरनपुरवा अकबरपुर के दुर्गेश यादव भी गए थे। 29 मई को पंजाब के डंडियाला अमृतसर में एक नहर के किनारे अंगोछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। रविवार को टीम ने चारों आरोपियों को अकबरपुर ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया।
एसपी राधेश्याम ने बताया कि खुलासा करने वाले कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला व स्वाट टीम प्रभारी रोहित तिवारी की टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
विपिन ने रची थी पूरी साजिश
मुक्तापुर गांव में विपिन व लवकुश की दोस्ती की लोग चर्चा करते थे। लवकुश ट्रैक्टर चलाता था तो विपिन भी उसके साथ अक्सर रहता था। विपिन को लवकुश ने बताया कि ननिहाल में नाना ने 4 बीघे जमीन दी है, उसकी कीमत लाखों रुपये की है। यह जानने के बाद ही विपिन की नियत बदल गई। उसने दोस्त के अपहरण व हत्या की साजिश रच डाली। इस घटना को अंजाम देने के लिए विपिन ने अपने चार अन्य दोस्तों को मिलाया। वह घूमने के बहाने उसे पंजाब ले गए। वहां उसकी हत्या करने के बाद परिजनों से फिरौती मांगते रहे। रुपये न मिलने पर विपिन अपने गांव लौट आया।