उन्नाव। पचास साल की उम्र पार कर चुके ऐसे सरकारी कर्मचारियों को उनकी इच्छा के बिना सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी जो लापरवाह और दागी हैं। शासन के निर्देश पर सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने विभाग के कर्मचारियों का ब्योरा तैयार करा रहे हैं।
उच्चाधिकारियों ने स्क्रीनिंग कमेटी भी बनाई है जो सर्विस रिकार्ड जांचने के साथ ही सभी बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेजेंगे। सरकार के इस कदम से दायरे में आने वाले कर्मचारियों में अफरातफरी मची है।
सरकारी विभागों में कार्यरत पचास साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों को अपने काम के प्रति जिम्मेदार और मुस्तैद रहना होगा। लापरवाही और लालच में उनकी नौकरी भी छिन सकती है। प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने इस पर काम शुरू किया है।
मालूम हो कि कि जिले में पुलिस और प्रशासनिक विभाग में 8000 गैर राजपत्रित अधिकारी कर्मचारी तैनात है। 31 मार्च 2017 को पचास साल की उम्र के हो चुके इन कर्मचारियों का लेखाजोखा जुटाने का काम सभी विभागों में जोरों पर है। सभी की सर्विस बुक में हाल के दस साल की चरित्र रिपोर्ट, इस समयावधि में हुई विभागीय कार्रवाई, किसी धोखाधड़ी, मारपीट या घूस के मामलों में हुई कार्रवाई या एफआईआर दर्ज होने के मामलों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
इस कार्रवाई ने कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि उन्होंने तीन सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी गठित की है जो अधेड़ कर्मचारियों का सर्विस रिकार्ड खंगाल रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को दी जाएगी। जिला विकास अधिकारी चित्रसेन सिंह ने बताया विकास विभाग में भी ऐसे कर्मचारियों का ब्योरा खंगाला जा रहा है और रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
-विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तैयार कर रहे इसकी रिपोर्ट
-31 मार्च 2017 को 50 साल पूरे कर चुके कर्मियों की होगी स्क्रीनिंग
-दस साल का सीआर, विभागीय कार्रवाई, काम के तरीके की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो