मौरावा। करंट से झुलसे युवक को हिलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार नहीं मिल सका। गंभीर हालत में परिजन युवक को लेकर लखनऊ ले जाने लगे, तभी रास्ते में युवक की मौत हो गई। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की लापरवाही पर मंगलवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
प्रधान प्रतिनिधि के साथ मिलकर परिजनों ने पीएचसी का घेराव किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने हंगामा कर रहे परिजनों से बात की। साथ ही घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात रहे फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
हिलौली निवासी सीद्धे पासी का 22 वर्षीय लड़का सत्रोहन घर पर पंखा ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गया था। गंभीर हालत में परिजन उसे लेकर हिलौली पीएचसी पहुंचे थे। यहां उन्हें कोई डॉक्टर नहीं मिला था। मजबूरन वह बेटे को लेकर मौरावां सीएचसी गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही सत्रोहन की मौत हो गई थी। समय से इलाज न मिलने पर सत्रोहन की मौत का आरोप लगाते हुए परिजन मंगलवार को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अयोध्या भारती के नेतृत्व में लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ हिलौली पीएचसी पहुंच गए। यहां पीएचसी का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही पीएचसी प्रभारी पंकज शुक्ला मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बात की। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे फार्मासिस्ट विनोद पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजन शांत हुए। प्रभारी पंकज शुक्ला ने बताया कि फार्मासिस्ट से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
- ग्रामीणों के साथ मिलकर परिजनों ने पीएचसी का किया घेराव
- फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुए परिजन
- लखनऊ ले जाते समय रास्ते में युवक ने दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो