कानपुर। केशवपुरम आवास विकास स्थित नेगी इन्क्लेव में आवास व कार्यालय के नाम पर धोखाधड़ी करने, धमकाने और रंगदारी मांगने के आरोपी गजेंद्र सिंह नेगी को शनिवार को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ रावतपुर थाने में 10 एफआईआर हो चुकी हैं जबकि कई शिकायतों में जांच चल रही है। रविवार को उसको कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कमिश्नरी पुलिस की ओर से पांच अगस्त को ऑपरेशन महाकाल लाॅन्च किया गया था। उसमें एकदम से आवास विकास केशवपुरम स्थित नेगी इन्क्लेव से कई शिकायतें आईं। पुलिस, एसआईटी और डीसीपी स्तर से जांच कराई तो होटल नेगी ग्रांड के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी और उसके भाइयों के नाम सामने आए। पुलिस ने एक के बाद एक करके दस एफआईआर दर्ज कीं। सभी में रुपये लेकर आवास और दुकानें दिलाने का वादा किया गया था। उसने समय बीत जाने के बाद बैनामा और रजिस्ट्री नहीं कराई। रुपये देने वालों ने जब राशि वापस मांगी तो उनको रिवाल्वर लेकर धमकाया। कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी और उसके भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गजेंद्र सिंह नेगी की तलाश में दबिश दी जा रही थी। उसके मोबाइल सर्विलांस पर लगे हुए थे। शनिवार को उसकी लोकेशन उन्नाव की मिली। रावतपुर थाने की पुलिस गजेंद्र सिंह नेगी को पकड़ने के लिए वहां पहुंची लेकिन वह लखनऊ पहुंच गया। पुलिस ने लखनऊ के अमीनाबाद क्षेत्र से पकड़ लिया। उसके साथ लखनऊ के तीन अधिवक्ता भी थे। पुलिस उसको शहर ले आई है।
डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गजेंद्र सिंह नेगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसको रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।