बुंदेलखंड में क्रशर कारोबार पर पुलिस के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भी निगाहें टिकी रहती हैं। क्रशरों में धूल (डस्ट) से प्रदूषण नियंत्रण नियमों की धज्जियां उड़ती हैं। नियंत्रण बोर्ड को अपनी साख बचाने के लिए अक्सर कार्रवाई करनी पड़ती है।
चालू साल में चित्रकूटधाम मंडल में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 157 क्रशर सील किए हैं। साथ ही लगभग 13 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। इनमें महोबा के 81 क्रशर भी शामिल हैं। यहां के क्रशर कारोबारियों पर तकरीबन पांच करोड़ जुर्माना लगाया गया है।
क्रशर कारोबारियों की अपनी मजबूरियां हैं। नियम-कानूनों पर पूरा अमल करने से कारोबार दूभर हो जाएगा। पहाड़ तोड़ने के लिए किए जाने वाले धमाकों में कई गैर कानूनी काम करने पड़ते हैं। ओवरलोडिंग भी होती है। इन्हीं सब बातों का फायदा पुलिस उठाती है।
उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलग निगाहें गड़ाए रहता है। सेटिंग के बाद भी कार्रवाई करनी ही पड़ती है। चालू साल में चित्रकूटधाम मंडल के 157 क्रशर पर कार्रवाई करते हुए सील कर दिया गया है। ये करीब दो माह से सील हैं। इनके अलावा 71 क्रशरों को नोटिस किया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ ने इन क्रशरों पर लगभग 13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी (चित्रकूटधाम मंडल, बांदा) घनश्याम दत्त ने बताया कि नोटिस देने के दो माह तक क्रशर मालिक द्वारा जवाब न देने पर 6250 रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में कुल 393 स्टोन क्रशर हैं। इनमें बांदा में 30 क्रशर पर दो करोड़, चित्रकूट में 31 क्रशर पर पांच करोड़, महोबा में 81 क्रशर पर पांच करोड़ और हमीरपुर में पांच क्रशर पर एक करोड़ रुपये जुर्माना किया गया है। चित्रकूट के दो क्रशर व्यवसायियों ने 12 लाख रुपये जमा कर दिया है।
मंडल में क्रशरों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई का ब्योरा
जिला कुल क्रशर सील जुर्माना (करोड़ में)
बांदा 30 13 2
चित्रकूट 75 58 5
महोबा 283 81 5
हमीरपुर 05 05 1
योग 393 157 13
आबादी से दूर और 12 फिट ऊंची हो बाउंड्री
स्टोन क्रशर से आसपास के बाशिंदों और बस्ती को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड ने कई नियम लागू कर रखे हैं। इनके अनुसार क्रशर की बाउंड्रीवाल 12 फिट ऊंची होनी चाहिए। आबादी से एक किलोमीटर, नेशनल हाईवे से 500 मीटर और लिंक रोड से 150 मीटर दूरी पर हो। क्रशर के आसपास वृक्षारोपण भी प्रमुख शर्त है। नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम दत्त ने बताया कि क्रशर में प्रतिदिन फव्वारे से पानी का छिड़काव भी जरूरी है।