कानपुर देहात। रविवार की शाम जिले में आई आंधी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई। करीब तीन सौ गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। सोमवार की सुबह से फाल्ट ठीक करने का काम चलता रहा पर शाम तक बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी। वहीं, गजनेर सबस्टेशन से जुड़े 12 पोल क्षतिग्रस्त गए हैं। वहीं, पेड़ों की डाल टूटने से जगह-जगह तार क्षतिग्रस्त हो गए।
राविवार की शाम आई आंधी से बरौर सबस्टेशन से जुड़े अंगदपुर, बहरई, तारनपुर, मीनापुर, फर्जाबाद, मुडेरा, बरगवां, दयालताला, केशी, कुटरा, देवीपुर, निगोही समेत 50 गांवों में बत्ती गुल हो गई। वहीं असेवा मुतैहरापुर उपकेंद्र से जुड़े गोपालपुर, मोहदियापुर, घार, मलासा, धौकलपुर, मोहम्मदपुर, अकबर नगर, गिरदौं, ठाकुर पुरवा, अनंतरामपुर, सिंगरसीपुर समेत 52 गांवों में आपूर्ति बाधित रही। इन गांवों को जाने वाली लाइनों में जगह-जगह फाल्ट हो गए। वहीं, गजनेर सबस्टेशन की 33 केवीए लाइन के 12 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इस सबस्टेशन से जुड़े गजनेर, हरचंदापुर, रानीपुर, कटेठी, कौसम, दिलावलपुर आदि 12 गांवों की बिजली गुल हो गई। वहीं सरवनखेड़ा सबस्टेशन ठप होने से उससे जुड़े बिल्टी, निनायां, हिलौठी, सैंथा, मुर्रा, भैथाना, लोहारी, मनेथू आदि 70 गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई।
वहीं, रविवार रात से शिवली व शोभन सबस्टेशन से जुड़े बसेन, कैलई, हर्दियानाला, प्रतापपुर, बाघपुर, बैरी, शोभन समेत सौ गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। गर्मी व उमस से ग्रामीण बेहाल हैं। वहीं, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई है। डेरापुर विद्युत सबस्टेशन के नोनारी व गलुवापुर फीडर से जुड़े मडनपुर, खर्जुरा, गलुवापुर, जिगनिश, बड़ागांव आदि में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। रसूलाबाद की 33 केवीए लाइन में कई जगह फाल्ट हो गए। जिसे ठीक करने के लिए लाइनमैनों को लगाया गया।
अधिशासी अभियंता रनियां, दीपक कुमार ने बताया कि आंधी से लाइनों में बड़े पैमाने पर फाल्ट हुए हैं। अभी पूरी तरह से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितने पोल टूटे हैं फिलहाल सभी जेई को लाइनों की पेट्रोलिंग कर आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं, मंगलवार शाम तक पूरी तरह फाल्ट ठीक कर लिए जाएंगे।