कानपुर देहात। जनपद में गर्भवती महिलाओं की अब अनिवार्य रूप से एचआईवी की जांच की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से एएनएम को वैक्सीन के साथ किट भी जाएगी। जो कि गांव-गांव जाकर ऐसी महिलाओं की जांच करेंगी।
बच्चों को एचआईवी का संक्रमण न फैले, इसके लिए शासन ने विभाग को एचआईवी व सिफलिस की जांच अनिवार्य रूप से किए जाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को किट भेज दी गई हैं। जल्द ही किटों को सभी सीएचसी में भेजकर एएनएम को वैक्सीन के साथ किट दी जाएगी। इसके लिए एएनएम गांव गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को पहले चिह्नित करेंगी, फिर जांच व टीकाकरण करेंगी। यह प्रक्रिया प्रत्येक बुधवार व शनिवार को होगी। जांच के बाद रिपोर्ट को पोर्टल पर डाला जाएगा। इससे पहले संदिग्ध होने पर ही गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती थी। जिससे कई बार पहचान न होने पर प्रसव के बाद बच्चों में संक्रमण फैल जाता था। जो उनके लिए दिक्कत पैदा कर देता था। इस जांच को लेकर सभी सीएचसी की एक स्टाफ नर्स व एक एएनएम को सिफ्टवार लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद अगले बुधवार से यह जांच होना शुरू हो जाएगी। एसीएमओ वीपी सिंह ने कहा कि इन जांचों के लिए स्टाफ नर्स व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक बुधवार व शनिवार को यह जांचे अनिवार्य रूप से हुआ करेंगी।
पहले गांवों में वीडीआरएल परीक्षण न होने से प्रसव के बाद कई बार बच्चे विकृत पैदा होते थे। विशेषज्ञों की माने तो यह बीमारी यौन संक्रमण से होती है। इसकी पहचान न होने पर शिशु जन्मजात से विकृत पैदा होता है। उपचार के बाद भी बीमारी ठीक नहीं हो पाती थी। शासन ने एचआइवी के साथ सिफलिस बीमारी की पहचान करने को लेकर वीडीआरएल किट से गर्भवती महिलाओं की जांच करने को लेकर विभाग को आदेश दिए हैं।
गर्भवती के लिए एचआईवी की जांच जरूरी
- विभाग की ओर से एएनएम को बांटी जाएगी किटें
- कार्यक्रम को लेकर लखनऊ में दिया जाएगा प्रशिक्षण