कानपुर देहात। जिले के आठ प्रधानों से मध्यान्ह भोजन योजना के बैंक खाता संचालन का अधिकार छिनेगा। बीएसए ने प्रस्ताव बनाकर डीएम के पास भेजा है। यह प्रधान योजना संचालन में सहयोग नहीं कर रहे हैं अब इनकी जगह स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष को शामिल किया जाएगा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक होते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन चलाई जा रही है। इस योजना के खाते का संचालन स्कूल का हेड मास्टर व प्रधान करते हैं लेकिन कई जगह दोनों के बीच समन्वय नहीं बन पाता है। प्रधान का आरोप रहता है कि हेड मास्टर मेन्यू के अनुसार गुणवत्तायुक्त खाना नहीं बनवाते हैं, वहीं कम बच्चे आने के बावजूद अधिक उपस्थित दिखाते हैं जबकि हेड मास्टर ग्राम प्रधानों पर योजना संचालन में सहयोग न करने की बात कहते हुए मध्यान्ह भोजन योजना में रुपये की मांग करने की बात कहते हैं। इसी तरह से अमरौधा ब्लाक के प्राथमिक स्कूल विरोहा, अकबरपुर के अदायां व प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक बनारअलीपुर , झींझक के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कुंधौली मड़ौली, सरवनखेड़ा के प्राथमिक स्कूल मनेथू द्वितीय, जसौरा, राजपुर का प्राथमिक स्कूल निन्हौरा, मैथा का पिटरापुर व भेवान में लंबे समय से विवाद चल रहा था, हालांकि इन स्कूलों में एमडीएम बंद नहीं था, यहां के हेडमास्टर अपने पास से धन खर्च कर योजना का संचालन कर रहे थे। प्रधानों के सहयोग न करने पर इन आठ ग्राम पंचायतों में मध्यान्ह भोजन योजना के खाता का संचालन नहीं हो पा रहा था। अब प्रधानों से एमडीएम का खाता संचालन अधिकार हटाकर प्रबंध समिति के अध्यक्ष को दिए जाने की सिफारिश बीएसए ने की।
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि आठ प्रधानों को मध्यान्ह भोजन योजना से हटाए जाने के लिए प्रस्ताव डीएम के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही वहां के प्रबंध समिति के अध्यक्ष को खाता संचालन का अधिकार दिया जाएगा।
-------------------